
पाली (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़): सराईपाली खदान से कोयला परिवहन में लगे ट्रक मालिकों के शोषण और मनमाने भाड़े के विरोध में ट्रांसपोर्ट ट्रक एण्ड ट्रेलर मालिक संघ (पाली) ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पाली को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि तय भाड़ा दरों को लागू नहीं किया गया, तो 2 अक्टूबर को एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के बाद 3 अक्टूबर से खदान में कोल परिवहन को पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।

महंगाई की मार और कम भाड़े से परेशान ट्रक मालिक एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने उल्लेख किया है कि लगातार डीजल के दामों में वृद्धि, गाड़ियों के पार्ट्स और टोल टैक्स की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी से वाहन मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्लांट और फैक्ट्री संचालकों द्वारा निर्धारित भाड़े से भी कम भुगतान किया जा रहा है और वह भी काफी विलंब से दिया जाता है। इस मनमानी और शोषण से क्षेत्र के वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है।
बैठक में बनी सहमति का पालन न होने पर आक्रोश ज्ञापन के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को ट्रक यूनियन और लिफ्टरों की संयुक्त बैठक में भाड़ा दर एवं अन्य विसंगतियों को लेकर आपसी सहमति से कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इन निर्णयों को 1 अक्टूबर 2026 से सराईपाली खदान में पूर्ण रूप से लागू किया जाना था। संघ का आरोप है कि लिफ्टरों और फैक्ट्री संचालकों द्वारा तय शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।
3 अक्टूबर से चक्का जाम की चेतावनी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो वाहनों को खड़ा करने के अलावा उनके पास कोई अन्य रास्ता नहीं बचेगा। संघ द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया जाएगा और इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 से सराईपाली खदान में कोयला परिवहन का कार्य पूरी तरह बाधित कर दिया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि चक्का जाम से होने वाले समस्त नुकसान की जवाबदारी लिफ्टर एवं फैक्ट्री संचालकों की होगी।