बिजली निजीकरण के मुद्दे पर सीएम साय ने कांग्रेस को घेरा, कहा- रूटीन सुनवाई को बनाया जा रहा राजनीतिक मुद्दा

रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में बिजली के निजीकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने बिजली निजीकरण को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को भ्रामक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़कर जनता के बीच भ्रम पैदा किया जा रहा है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिस सुनवाई को लेकर निजीकरण की बातें कही जा रही हैं, वह बिजली व्यवस्था से जुड़ी रूटीन प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी नियमित प्रक्रिया का होना इस बात का संकेत नहीं है कि सरकार बिजली के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

‘सरकार की निजीकरण की कोई मंशा नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली के निजीकरण को लेकर कोई निर्णय नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जनता को किसी तरह की गलतफहमी में आने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, नियमित सुनवाई को निजीकरण की प्रक्रिया बताना तथ्यों के विपरीत है।

कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप

सीएम साय ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर लोगों के बीच दुष्प्रचार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस रूटीन प्रक्रिया को अलग रूप देकर जनता को गुमराह करने और गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि बिजली निजीकरण को लेकर किए जा रहे दावों को तथ्यों के आधार पर ही देखें और भ्रामक प्रचार से प्रभावित न हों।

बयान के बाद सियासी बहस तेज

बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान सरकार की स्थिति को स्पष्ट करता है। सरकार का कहना है कि जिस सुनवाई को निजीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है, वह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे निजीकरण के फैसले के तौर पर पेश करना सही नहीं है।