पारस पोर्टल से योजनाओं की निगरानी तेज, CM साय ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी प्रगति पर अब नियमित निगरानी के साथ बाधाओं को दूर करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के जरिए प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों से योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आंकड़ों में प्रगति दिखाना नहीं, बल्कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

हर पात्र किसान का एग्रीस्टैक में हो पंजीयन

समीक्षा बैठक में एग्रीस्टैक को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी तक सीमित न रखते हुए किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने वाली व्यवस्था के रूप में उपयोग करने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने जिलों में विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक और डीसीएस से जुड़े लंबित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई और पीछे चल रहे जिलों को निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा गया।

बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जल्द पहुंचे सहायता

बैठक में प्रदेश में हालिया भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की भी समीक्षा हुई। प्रेस नोट के अनुसार 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें बस्तर संभाग के जिलों पर अधिक प्रभाव बताया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि, मकान, पशुधन, अनाज और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का सर्वे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। पात्र परिवारों तक राहत एवं सहायता समय पर पहुंचाने के साथ राहत और स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल तथा हैंडपंपों के क्लोरीनीकरण पर भी ध्यान देने को कहा गया।

PM सूर्य घर योजना में तेजी लाने के निर्देश

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर्स की संख्या बढ़ाने, सोलर दीदियों को प्रोत्साहित करने और हितग्राहियों के लिए ऋण सुविधा को आसान बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए बैंकिंग सुविधा, वेंडर चयन और सोलर संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाना जरूरी है।

सड़क और पुल-पुलिया के अटके कामों पर भी नजर

लोक निर्माण विभाग की सड़क, पुल और पुलिया परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों की बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए। भूमि संबंधी मामलों और जिला स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों और प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग अथवा अन्य विभागों से जुड़ी अनुमति संबंधी अड़चनों को अंतर्विभागीय समन्वय से दूर करने को कहा गया।

सेवा सेतु और CM हेल्पलाइन की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नागरिकों की शिकायतों और आवेदनों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीक का इस्तेमाल केवल सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि इससे नागरिकों को सेवाएं आसानी से मिलें और समस्याओं के समाधान में लगने वाला समय कम हो।

हर महीने होगी पारस पोर्टल से समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल को योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी के साथ-साथ समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी बाधाओं को समय रहते सामने लाने को कहा, जिनके समाधान के लिए राज्य स्तर पर हस्तक्षेप जरूरी है।

प्रेस नोट के अनुसार प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ लंबित मामलों की बाधाएं दूर करना और समय-सीमा में काम पूरा कराना है।

धरातल पर दिखना चाहिए योजनाओं का असर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और स्वीकृत विकास कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे हों, इसके लिए विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।