
कोरबा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़):कोरबा जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र पसान बस स्टैंड के समीप मंगलवार सुबह 7:00 बजे से ग्रामीणों, स्थानीय व्यापारियों और युवा कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। लगभग साढ़े चार घंटे (सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक) चले इस प्रदर्शन के कारण यातायात पूरी तरह ठप रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता और मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया।
मुख्य मांगें और समस्याएं:
प्रदर्शनकारियों और पोस्टर में दी गई जानकारी के अनुसार, क्षेत्रवासी लंबे समय से कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसके संबंध में एक सप्ताह पूर्व ही तहसीलदार और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा गया था:
- स्वास्थ्य सुविधाएं: पसान स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी MBBS डॉक्टर की नियुक्ति की जाए, ताकि ग्रामीणों को आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े। (स्थानीय प्रतिनिधि ने बताया कि बीएमओ के निर्देश पर डॉक्टर की उपस्थिति सुचारू करने का आश्वासन मिला है)।
- विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करना: पसान में बार-बार बिजली कटौती की समस्या को समाप्त कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पसान फीडर को अलग करने, खराब ट्रांसफॉर्मर, जर्जर तार और ढीले खंभों को तत्काल बदलने की मांग की गई।
- स्थानीय विकास मुद्दे:
- पसान में लंबे समय से लंबित रेलवे स्टेशन का निर्माण।
- पिछले 5 वर्षों से रुकी हुई कॉलेज निर्माण की मांग (जो जटगा स्थानांतरित हो गया था)।
- उदेरदा (Uderda) पिकनिक स्पॉट का सौंदर्यीकरण और रेलवे लाइन के कारण बंद हुए रास्ते को पुनः खोलना।
प्रशासनिक मध्यस्थता और आश्वासन:
चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों और बिजली विभाग के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों तथा प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की।
- बिजली एवं स्वास्थ्य विभाग: विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया गया।
- अल्टीमेटम: प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि अन्य प्रमुख मांगों (कॉलेज, रेलवे स्टेशन, पिकनिक स्पॉट रास्ता) के संदर्भ में प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मिलकर फिर से उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों और व्यापारियों का मिला व्यापक समर्थन:
इस चक्का जाम और पसान बंद आंदोलन का आयोजन पसान, बैरा, कोटमरा, सड़ामार, तेलियामार, और कुम्हारीसानी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इस आंदोलन में स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और युवा कांग्रेस प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिसके बल पर चक्का जाम पूरी तरह सफल रहा