
कोरबा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़): विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) के अवसर पर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में ग्राम पंचायत घरीपखना में ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों, विशेषकर गर्भवती और शिशुवती माताओं को स्तनपान के महत्व और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जानकारियों के प्रति जागरूक करना था।
बैठक में मुख्य रूप से ग्राम पंचायत घरीपखना की सरपंच श्रीमती राजकुमारी कंवर उपस्थित थीं। उनके साथ मितानिन रेखा माहेश्वरी, सविता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सरोज, राजकुमारी कंवर, मितानिन प्रशिक्षक श्रीमती कौशल्या कोराम, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक श्रीमती कृपा लता किंडो सहित बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं, शिशुवती माताएं और गांव के अन्य प्रबुद्ध लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों द्वारा प्रदर्शित पोस्टर के माध्यम से स्तनपान से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पोस्टर में बताया गया कि मां का दूध शिशु के लिए जीवन की पहली सुरक्षा है और जन्म के तुरंत बाद एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना अत्यंत आवश्यक है। यह भी बताया गया कि शिशु को पहले 6 माह तक केवल मां का दूध ही देना चाहिए, पानी या अन्य कोई आहार नहीं।
बैठक के दौरान मितानिनों की 5 प्रमुख जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई, जिनमें गर्भवती महिलाओं को स्तनपान के लाभ बताना, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कराने में सहयोग करना, और सही स्तनपान तकनीक सिखाना शामिल है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित माताओं ने शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल मां का दूध पिलाने का संकल्प लिया। यह आयोजन समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुआ।