स्मार्ट मीटर नहीं बढ़ाता बिजली बिल, बढ़ती है पारदर्शिता; बिजली विभाग ने दूर की भ्रांतियां
रीयल टाइम बिजली खपत की जानकारी से उपभोक्ता खुद कर सकते हैं बिजली उपयोग नियंत्रित, ‘मोर बिजली’ ऐप से हर आधे घंटे की मिलेगी अपडेट।
रायपुर। स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच फैली शंकाओं और भ्रांतियों को दूर करते हुए बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली बिल नहीं बढ़ाता। विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर केवल वास्तविक बिजली खपत को रिकॉर्ड करता है और उसी के आधार पर सटीक बिल तैयार किया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता का बिल पहले की तुलना में अधिक आया है, तो उसका कारण बिजली की बढ़ी हुई खपत या उच्च टैरिफ स्लैब में पहुंचना है, न कि स्मार्ट मीटर।
अब हर आधे घंटे में मिलेगी खपत की जानकारी
स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर रीयल टाइम नजर रख सकते हैं। ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप के माध्यम से हर 30 मिनट में बिजली उपयोग की जानकारी उपलब्ध होती है। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन-से विद्युत उपकरण अधिक बिजली की खपत कर रहे हैं और किन उपायों से बिजली उपयोग कम किया जा सकता है।
बिल आने का इंतजार नहीं, पूरे महीने रहेगी निगरानी
पारंपरिक मीटर व्यवस्था में उपभोक्ताओं को पूरे महीने की बिजली खपत का पता बिल आने के बाद चलता था। स्मार्ट मीटर के जरिए अब उपभोक्ता पूरे महीने अपनी खपत पर लगातार नजर रख सकते हैं। इससे अनावश्यक बिजली उपयोग पर नियंत्रण संभव होगा और बिजली बिल को भी कम रखने में मदद मिलेगी।
टैरिफ स्लैब बढ़ने से बढ़ता है बिल
बिजली विभाग ने बताया कि राज्य में बिजली शुल्क निर्धारित स्लैब के आधार पर लिया जाता है। 0 से 100 यूनिट तक 4.40 रुपये, 101 से 200 यूनिट तक 4.50 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 6 रुपये, 401 से 600 यूनिट तक 7 रुपये तथा 600 यूनिट से अधिक खपत होने पर 8.80 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होती है। जैसे ही खपत अगले स्लैब में पहुंचती है, बिजली बिल स्वतः बढ़ जाता है। इसका स्मार्ट मीटर से कोई संबंध नहीं है।
भीषण गर्मी से बढ़ी बिजली की खपत
विभाग के अनुसार अप्रैल, मई और जून के दौरान प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण एसी, कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग सामान्य से अधिक हुआ। इसी वजह से अधिकांश घरों की बिजली खपत बढ़ी और कई उपभोक्ताओं के बिल पहले की तुलना में अधिक आए।
हाफ बिजली योजना का लाभ बनाए रखने में भी मददगार
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अपनी मासिक बिजली खपत की लगातार जानकारी देता है, जिससे वे 400 यूनिट से कम खपत बनाए रखने की योजना बना सकते हैं। इससे राज्य सरकार की हाफ बिजली योजना का लाभ लगातार मिलता रहता है। खपत अधिक होने पर योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है।
शिकायत होने पर 1912 हेल्पलाइन से करें संपर्क
बिजली विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी अधिकांश शिकायतों की जांच में मीटर सही पाए गए हैं। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर या बिल संबंधी कोई समस्या हो तो वह विभाग की 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है।
ऊर्जा संरक्षण और सोलर अपनाने की अपील
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ‘मोर बिजली’ ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें, अपनी बिजली खपत की नियमित निगरानी रखें और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाएं। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर बिजली बिल को काफी हद तक कम या शून्य किया जा सकता है।
मुख्य बातें
✔ स्मार्ट मीटर बिल नहीं, केवल वास्तविक खपत दर्ज करता है।
✔ ‘मोर बिजली’ ऐप से हर 30 मिनट में खपत की जानकारी।
✔ कम खपत रखकर हाफ बिजली योजना का लाभ लिया जा सकता है।
✔ शिकायत के लिए 1912 हेल्पलाइन उपलब्ध।
✔ रूफटॉप सोलर से बिजली बिल और कम किया जा सकता है।