एटीएम पहुंचे तो पैसे नहीं, मिलेगा पौधा! जशपुर से शुरू हुई ऐसी पहल, जो बदल सकती है पौधरोपण की तस्वीर, वन विभाग ने उतारा ‘मोबाइल ट्री एटीएम’, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई हरी झंडी; अब हरियाली खुद पहुंचेगी लोगों के दरवाजे तक


जशपुर। अगर कोई आपसे कहे कि एटीएम से अब रुपये नहीं, पौधे निकलेंगे… तो शायद पहले यकीन न हो। लेकिन छत्तीसगढ़ के जशपुर में यह पहल अब हकीकत बन चुकी है। वन विभाग ने लोगों तक हरियाली पहुंचाने के लिए ‘मोबाइल ट्री एटीएम’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में इस अनूठी पहल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह कोई सामान्य पौधा वितरण वाहन नहीं है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह गांव-गांव, स्कूलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर लोगों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराएगा। इसके पीछे सोच यह है कि यदि पौधे लोगों तक पहुंचेंगे, तो पौधरोपण भी जनआंदोलन का रूप लेगा।

पेड़ लेने के साथ मिलेगी जिम्मेदारी भी

ट्री एटीएम से केवल पौधा ही नहीं मिलेगा, बल्कि उसे लगाने, सुरक्षित रखने और वृक्ष बनने तक देखभाल करने की पूरी जानकारी भी दी जाएगी। वन विभाग का मानना है कि पौधे बांटना आसान है, लेकिन उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए इस पहल में संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है।

सीएम साय बोले- पेड़ भविष्य की सबसे बड़ी विरासत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज लगाया गया हर पौधा आने वाले वर्षों में स्वच्छ हवा, बेहतर जलवायु और सुरक्षित भविष्य की नींव बनेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वर्षा ऋतु का लाभ उठाकर प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी जिम्मेदारी भी निभाए।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिलेगा नया साथी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को छत्तीसगढ़ में व्यापक जनभागीदारी मिल रही है। ट्री एटीएम उसी अभियान को नई दिशा देने का प्रयास है, जिससे पौधरोपण केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर समाज की आदत बन सके।

हरियाली अब लोगों तक खुद पहुंचेगी

वन विभाग की इस पहल का उद्देश्य नर्सरी तक लोगों को बुलाना नहीं, बल्कि पौधों को लोगों तक पहुंचाना है। विभाग को उम्मीद है कि इससे पौधरोपण का दायरा बढ़ेगा, लोगों की भागीदारी मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को स्थायी आधार मिलेगा।

खबर की खास बात : यह सिर्फ पौधा वितरण की योजना नहीं है, बल्कि लोगों की सोच बदलने की पहल है। जहां एटीएम का मतलब अब सिर्फ कैश नहीं, बल्कि हरियाली और भविष्य भी होगा।