रायपुर, 25 सितंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण सम्मान मिला है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित आरोग्य मंथन 2026 में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सम्मान प्रदान किया। छत्तीसगढ़ की ओर से आयुष्मान भारत योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने पुरस्कार ग्रहण किया।
विष्णु देव साय बोले- आर्थिक परेशानी के कारण इलाज से वंचित न हो कोई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के किसी भी पात्र नागरिक को आर्थिक कठिनाई के कारण उपचार से वंचित न होना पड़े। बीमारी के समय परिवार को उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिले, इसी उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में मिली राष्ट्रीय उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, प्रभावी और हितग्राही-केंद्रित बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
दूसरे राज्यों में इलाज लेने वालों को भी मिलेगा योजना का लाभ
आयुष्मान भारत योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा उन हितग्राहियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें रोजगार, कामकाज अथवा बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। पात्र हितग्राही देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दूसरे राज्यों में उपचार लेने वाले हितग्राहियों के पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध निराकरण के लिए क्लेम प्रोसेसिंग, तकनीकी निगरानी और अस्पतालों के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी उपलब्धि को बताया महत्वपूर्ण
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और इलाज के अभाव में किसी जरूरतमंद परिवार की उम्मीद न टूटे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूत किया जाएगा।
देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार 30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के अंतर्गत देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए हैं। इनसे संबंधित अधिकृत राशि 8,383.97 करोड़ रुपये से अधिक है।
पोर्टेबिलिटी सुविधा प्रवासी श्रमिकों, दूसरे राज्यों में रोजगार करने वाले नागरिकों और गृह राज्य से बाहर उपचार की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
डिजिटल हेल्थ व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
आरोग्य मंथन 2026 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अगले चरण को लेकर भी चर्चा हुई। क्लेम प्रोसेसिंग को तकनीक आधारित बनाने, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग को बधाई देते हुए योजना के लाभ को अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है।