
सेंट्रल छत्तीसगढ़ (विनोद उपाध्याय)हरदीबाजार:- श्री कृष्ण ने भागवत गीता में कहे है, तू कर्म कर फल की चिंता न कर,जैसा मनुष्य कर्म करेगा उसका फल, परिणाम भी वैसे ही मिलेगा । इस धरती पर कुछ भी शाश्वत रहने वाला नहीं है। जो पैदा हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है विधाता ने प्रत्येक जीव प्राणी की मृत्यु तय कर रखी है इसलिए मनुष्य को चाहिए कि इस जीवन में जितनी हो सके भागवत चरण का शरण लेना चाहिए, सत्कर्म करते रहना चाहिए,दीन हीन गरीबों की मदद् करनी चाहिए उक्त बातें हरदीबाजार पुराना दीपका रोड़, शांतिनगर में 28 अप्रैल से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ कथा के सातवें दिवस की कथा में सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष,कथा विश्राम व चढ्त्तोरी के दौरान कथावाचक रमाकांत शर्मा हरदीबाजार वाले ने अपने मुखारविंद से कहीं । कथा दोपहर 3.30 बजे से आरंभ होकर प्रभु इच्छा तक हुई । पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने महराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किए और उपस्थित श्रोताओं को अपने संबोधन में कहें कि श्रीमद्भागवत कथा से घर परिवार में सुख-शांति व समृद्धि तो आती है। वहीं जीवन के कठिन परिस्थितियों में भी रास्ता निकलता है,बस मनुष्य सत्कर्म करते चले, धैर्य रखें कठिन समय में हौसला बनाए रखें और प्रभु चिंतन करते रहे ।इस दौरान इंद्रपाल सिंह कंवर, रमेश अहीर, रामायण कंवर,कौशल श्रीवास,अंजली श्रीवास,गुलशन जायसवाल राजाराम जायसवाल, रामकुमार यादव, राजाराम राठौर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासीयों ने श्रीमद्भागवत कथा श्रवण किए । आयोजक संतोष श्रीवास,आशीष श्रीवास,श्रीमती श्रीया श्रीवास के द्वारा भोग भंडारा का आयोजन किया गया है। वहीं कथा श्रवण करने गांव व क्षेत्र के समस्त मानस प्रेमी उपस्थित रहे।
