CM हेल्पलाइन की समीक्षा में खुली लापरवाही की पोल, कबीरधाम के तहसीलदार पर गिरी गाज

छत्तीसगढ़ में आम लोगों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई होने लगी है। कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को राजस्व मामलों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता के मामले में निलंबित कर दिया गया है। राजस्व विभाग के इस फैसले को सरकारी कामकाज में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

समीक्षा के दौरान सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, राजस्व विभाग से संबंधित प्रकरणों और शिकायतों की समीक्षा के दौरान पिपरिया तहसीलदार की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां सामने आईं। शिकायतों का निराकरण अपेक्षित तरीके से नहीं किए जाने और स्वेच्छाचारिता के आधार पर विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।

नियमों के तहत तत्काल निलंबन

जारी आदेश में प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत बताया गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कबीरधाम जिला निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री की समीक्षा के बीच कार्रवाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार में विभागीय कामकाज और आम जनता की शिकायतों के समाधान की समीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। CM हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से लोग अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचा रहे हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर न हो, बल्कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिले।

पिपरिया तहसीलदार पर हुई कार्रवाई इसी संदर्भ में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अधिकारियों के लिए क्या है संदेश?

शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होने से आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। खासकर राजस्व मामलों में देरी का सीधा असर आम लोगों के कामकाज पर पड़ता है। ऐसे में तहसीलदार के निलंबन से प्रशासनिक अमले में यह संदेश गया है कि शिकायतों की अनदेखी और कामकाज में गंभीर लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।