अमलडीहा में चारागाह की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर भारी बवाल: ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, महिला पर लगाया थाने में झूठी शिकायत का आरोप

कोरबा/​पौड़ी उपरोड़ा /सेंट्रल छत्तीसगढ़। जनपद पंचायत पौड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अमलडीहा में शासकीय चारागाह की बहुमूल्य भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया है। ग्राम पंचायत द्वारा जारी नोटिस और तहसीलदार को दी गई शिकायत के बाद, आरोपी महिला द्वारा ग्रामीणों व सरपंच के खिलाफ थाने में की गई शिकायत से नाराज ग्रामीणों ने अब ग्रामसभा बुलाकर मोर्चा खोल दिया है।

चारागाह की खसरा नंबर 200/1 की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप

​प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम पंचायत अमलडीहा द्वारा दिनांक 17 जून 2026 को चंदन बाई (पति स्व. मोहन लाल) के खिलाफ एक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि महिला द्वारा शासकीय भूमि चारागाह के खसरा नंबर 200/1 में अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाया जा रहा है।

​पंचायत और ग्रामीणों द्वारा बार-बार मना किए जाने के बाद भी जब निर्माण कार्य नहीं रोका गया, तो पंचायत ने महिला को दो दिनों के भीतर अवैध निर्माण बंद करने और जगह खाली करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। इस नोटिस पर सरपंच, सचिव, उपसरपंच, पंचगण और कोटवार के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

तहसीलदार से भी की गई शिकायत

​मामले को लेकर ग्राम पंचायत अमलडीहा की ओर से तहसीलदार पौड़ी उपरोड़ा को भी एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा गया है पत्र में ग्रामवासियों और सरपंच ने तहसीलदार से निवेदन किया है कि शासकीय भूमि चारागाह में चल रहे इस अवैध बेजा कब्जा और मकान निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए और उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इस पत्र पर 18 जून 2026 को तहसीलदार कार्यालय की पावती सील भी लगी हुई है।

महिला द्वारा थाने में ‘झूठी शिकायत’ करने पर भड़के ग्रामीण

​विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब अवैध निर्माण की शिकायत से बौखलाकर महिला ने कटघोरा थाने में सरपंच, सचिव और गांव के प्रमुख लोगों के खिलाफ जबरदस्ती गाली-गलौज और प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज करा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि महिला बाहर से आकर गांव में बसी है और प्रशासन को गुमराह करने के लिए झूठी शिकायत का जाल बुन रही है ताकि कोई उसके अवैध निर्माण का विरोध न कर सके।

ग्रामसभा में एकजुट हुए ग्रामीण, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

​महिला द्वारा दर्ज कराई गई इस कथित झूठी शिकायत से ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। इसी के विरोध में पंचायत स्तर पर विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। ग्रामसभा के दौरान सभी ने एक सुर में महिला के इस कृत्य की निंदा की और अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।