
पोड़ी उपरोड़ा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और निर्धनों को पक्का मकान मुहैया कराने की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई है। वर्तमान जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भूपेंद्र सोनवानी इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। शासकीय आंकड़ों (सम्पदा ऐप रिपोर्ट) के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड जिला स्तर पर अत्यंत लचर प्रदर्शन करते हुए पाँचवें स्थान पर बना हुआ है, जिससे शासन की जनकल्याणकारी नीतियों की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं।
पहले भी हटाए गए थे सीईओ, फिर भी नहीं हुआ सुधार
विश्वसनीय सूत्रों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकासखंड में जिस उद्देश्य और सुधार की उम्मीद के साथ वर्तमान सीईओ को लाया गया था, वह उद्देश्य पूरी तरह विफल बताया जा रहा है। इससे पूर्व के सीईओ को भी इसी प्रकार कार्यशैली और लचर प्रदर्शन के कारण हटाया गया था, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का गंभीर आरोप है कि सीईओ विकास कार्यों को गति देने के बजाय केवल ‘मलाई-मिठाई कलेक्शन’ (अवैध वसूली व भ्रष्टाचार) में ही पूरी तरह मग्न हैं, जिससे आम जनता और हितग्राही कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
तबादले के 15 दिन बाद भी नहीं हुई रिलीफ की कार्रवाई, प्रशासन पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवालिया निशान जिला प्रशासन पर लग रहा है। वर्तमान सीईओ का स्थानांतरण (तबादला) हुए 15 दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद वे अभी भी पोड़ी उपरोड़ा के सीईओ के पद पर बने हुए हैं। जनपद सदस्यों एवं सरपंच संघ द्वारा लगातार भ्रष्टाचार समेत अन्य वित्तीय अनियमितताओं को लेकर स्थानांतरण करने हेतु आवेदन दिया गया था, पर अभी तक रिलीफ (कार्यमुक्त) की कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
सम्पदा ऐप रिपोर्ट में खुली पोल :
शासकीय रिपोर्ट के मुताबिक, पोड़ी उपरोड़ा में कुल 114 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से केवल 109 ही पूर्ण हो पाई हैं। यहाँ का कुल लक्ष्य 8,400 आवासों का था, जिसके मुकाबले कुल प्रगति मात्र 50.76% पर ही सिमट कर रह गई है। यह आंकड़ा जिले के अन्य ब्लॉकों जैसे करतला (60.37%), कटघोरा (61.76%) और पाली (68.10%) की तुलना में बेहद निराशाजनक है। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), महतारी सदन और शवदाह गृह/कब्रिस्तान के निर्माण में भी पोड़ी उपरोड़ा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है।
सड़क पर उतरने को मजबूर जनप्रतिनिधि, तालाबंदी और चक्का जाम की तैयारी
प्रशासन की इस शिथिलता से तंग आकर अब जनपद सदस्य और सरपंच संघ सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। सरपंच संघ का कहना है कि “हम ऐसे भ्रष्टाचारी सीईओ को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” जल्द ही उग्र चक्का जाम एवं जनपद कार्यालय की तालाबंदी करने की पूरी रणनीति तैयार की जा रही है। यदि प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें पद से कार्यमुक्त नहीं किया, तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।