हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जमे हैं CEO सोनवानी: जनप्रतिनिधियों ने दी चक्काजाम व तालाबंदी की चेतावनी, मंत्री ने कहा— “भ्रष्टाचार को नहीं मिलेगी जगह”

कोरबा / पोड़ी उपरोड़ा(सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : हाईकोर्ट के सख्त रुख के बावजूद जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) भूपेन्द्र कुमार सोनवानी को एक हफ्ते बाद भी कार्यमुक्त (Relieve) नहीं किया गया है। शासन के नियमों को ताक पर रखकर जिले को भ्रष्टाचार का गढ़ बनाने के आरोपों के बीच अब यह मामला पूरी तरह गरमा चुका है।

​सीईओ के स्थानांतरण आदेश के बाद भी मलाईदार कुर्सी न छोड़ने की जिद के खिलाफ पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्षों, समस्त सरपंचों और जनपद सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। जनप्रतिनिधियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सीईओ को रिलीव नहीं किया गया, तो क्षेत्र में उग्र चक्काजाम, तालाबंदी और ‘काम बंद-कलम बंद’ आंदोलन किया जाएगा।

​इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित मंत्री जी ने जनप्रतिनिधियों को बड़ा आश्वासन देते हुए कहा है कि “प्रदेश में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर जगह नहीं मिलेगी।”

​ मंत्री रामविचार नेताम को सौंपा गया शिकायती पत्र

​भाजपा मंडल पसान के अध्यक्ष और सरपंच संघ (जनपद पोड़ी उपरोड़ा) के अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी के नेतृत्व में क्षेत्र के दर्जनों जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति कल्याण व कृषि मंत्री रामविचार नेताम को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। इस पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को भी भेजी गई हैं।

शिकायती पत्र में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि:

“सीईओ भूपेन्द्र कुमार सोनवानी का आचरण बेहद भ्रष्ट है। वे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार करते हैं और जनपद के अंतर्गत होने वाले सभी निर्माण कार्यों में 3 से 4 प्रतिशत तक की खुली कमीशनखोरी (वसूली) करते हैं।”

​ 30 जून को हुआ था ट्रांसफर, फिर भी रोकने की ‘दौड़-भाग’

​शिकायती पत्र के मुताबिक, शासन द्वारा सीईओ भूपेन्द्र कुमार सोनवानी का स्थानांतरण 30 जून 2026 को सूरजपुर जिले में कर दिया गया है। इसके बावजूद वे अपनी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं और अपने ट्रांसफर को रुकवाने के लिए लगातार ऊपरी दौड़-भाग कर रहे हैं।

​जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसे कमीशनखोर अधिकारियों को संरक्षण मिलने से शासन की छवि लगातार धूमिल हो रही है। जब हाईकोर्ट खुद यह साफ कर चुका है कि किसी भी बहाने से रिलीविंग नहीं रोकी जा सकती, तो फिर एक हफ्ते बाद भी जिला प्रशासन इन्हें कार्यमुक्त करने में क्यों कतरा रहा है?

​ 15 दिनों का अल्टीमेटम: ठप हो जाएगा पूरा ब्लॉक

​क्षेत्र के समस्त सरपंचों, जनपद सदस्यों और भाजपा मंडल अध्यक्षों ने सामूहिक रूप से प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस भ्रष्ट व्यवस्था पर लगाम नहीं कसी गई और 15 दिनों के भीतर भूपेन्द्र कुमार सोनवानी को पोड़ी उपरोड़ा से कार्यमुक्त (Relieve) नहीं किया गया, तो:

  • चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।
  • ​ जनपद और सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी की जाएगी।
  • ​🖊️ काम बंद और कलम बंद हड़ताल कर पूरे ब्लॉक का कामकाज ठप कर दिया जाएगा।

​ मंत्री जी का बड़ा आश्वासन: “कार्रवाई तय है”

​इस पूरे मामले और आक्रोश को देखते हुए मंत्री जी ने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि सरकार भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी को संरक्षण या जगह नहीं मिलेगी और नियम विरुद्ध जमे अधिकारियों पर जल्द ही सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।