रायपुर, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर की एनआईए अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में दोषी पाए गए 10 माओवादियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। फैसले के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे न्याय की जीत बताया और झीरम घाटी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
झीरम हमले की यादें आज भी दर्दनाक
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि झीरम घाटी में हुआ हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे पीड़ादायक घटनाओं में शामिल है। इस हमले में प्रदेश के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों की जान गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की कटु स्मृतियां प्रदेश को लंबे समय तक पीड़ा देती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि एनआईए अदालत द्वारा दोषी पाए गए सभी 10 माओवादियों को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा न्याय की जीत है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की भूमिका की भी सराहना की।
माओवादी हिंसा के खिलाफ सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सशस्त्र माओवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की गई है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा अभियानों के साथ बस्तर में विकास और लोगों के बीच विश्वास बहाली पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने माओवादी हिंसा को किसी भी रूप में समर्थन देने वालों को भी आत्मचिंतन करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ हिंसक संघर्ष का रास्ता समाज के लिए विनाशकारी है। उन्होंने कहा कि आतंक और हिंसा को किसी भी निहित स्वार्थ के कारण समर्थन या संरक्षण देने वालों को अपनी भूमिका पर विचार करना चाहिए।
शहीदों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने झीरम घाटी हमले में प्राण गंवाने वाले सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि झीरम की घटना प्रदेश के इतिहास में हमेशा एक दर्दनाक स्मृति के रूप में दर्ज रहेगी।