कटघोरा CHC का बुरा हाल: मरीज ठीक होने आते हैं या बीमार होने?

कटघोरा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़) आशुतोष शर्मा: छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कटघोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से सामने आई तस्वीरें इन दावों की पोल खोल रही हैं। यहाँ मरीजों को इलाज कम और परेशानियाँ ज्यादा मिल रही हैं। आलम यह है कि अस्पताल परिसर गंदगी और बदबू का केंद्र बन चुका है, जिससे लोग अब यहाँ आने से कतराने लगे हैं।

भीषण गर्मी में कूलर बंद, मरीज बेहाल

​मई के इस तपते महीने में जहाँ पारा आसमान छू रहा है, वहीं अस्पताल के वार्डों में मरीज गर्मी से तड़प रहे हैं। अस्पताल में कूलर तो शो-पीस की तरह टांग दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी डालने वाला कोई नहीं है। कूलर के पंप खराब पड़े हैं। हद तो तब हो गई जब कुछ वार्डों में कूलर तक की व्यवस्था नहीं है। मरीज और उनके परिजन घर से हाथ का पंखा लाकर हवा करने को मजबूर हैं।

स्वास्थ्य मंत्री का ‘एसी’ का दावा हवा, 4 महीने बाद भी कूलर को तरस रहे लोग

​लगभग 4 महीने पहले स्वास्थ्य मंत्री के प्रवास के दौरान कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एयर कंडीशनर (AC) लगाने का बड़ा दावा किया गया था। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि मंत्री जी के वादे के महीनों बाद भी मरीज एक अदद ठंडी हवा (कूलर) के लिए तरस रहे हैं। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

बदबू और गंदगी का अंबार: हैजा फैलने का डर

​अस्पताल के भीतर और आसपास पसरी गंदगी के कारण चारों तरफ असहज कर देने वाली बदबू फैली हुई है। स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि वे अब सरकारी अस्पताल जाने से डरने लगे हैं। लोगों में यह खौफ बैठ गया है कि वे यहाँ अपनी बीमारी का इलाज कराने आएंगे और कहीं गंदगी की वजह से हैजा (Cholera) या अन्य किसी गंभीर संक्रामक बीमारी की चपेट में न आ जाएं।