भिलाई स्टील प्लांट बिकने की अटकलों पर लगा विराम ! केंद्र सरकार ने बताया दावा गलत, मंत्रालय ने जारी किया फैक्ट चेक

रायपुर/भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की तैयारी संबंधी खबरों पर केंद्र सरकार के इस्पात मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने ऐसी खबरों में किए जा रहे दावे को गलत बताया है। सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक संदेश में स्पष्ट किया गया है कि भिलाई स्टील प्लांट को बेचने की सरकारी तैयारी संबंधी दावा असत्य है। इस मामले में प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी खबरों को झूठा और निराधार बताया है।

इस्पात मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर किया खंडन

मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर हिंदी और अंग्रेजी में संदेश जारी कर उन खबरों का खंडन किया, जिनमें सरकार द्वारा भिलाई स्टील प्लांट को बेचने की तैयारी किए जाने की अटकलें लगाई गई थीं। मंत्रालय ने लोगों से प्रामाणिक जानकारी के लिए अपने आधिकारिक माध्यमों का अनुसरण करने की अपील की है।

 

https://x.com/SteelMinIndia/status/2111430584400806269

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय सामने आया है, जब संयंत्र के भविष्य को लेकर प्रसारित खबरों से कर्मचारियों और प्रदेश के लोगों के बीच सवाल उठ सकते थे।

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विरासत का अहम हिस्सा है BSP

भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में शामिल है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की यह प्रमुख इकाई प्रदेश की औद्योगिक पहचान, रोजगार और सहायक उद्योगों के विकास से जुड़ी हुई है। संयंत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी है।

इसी वजह से संयंत्र को बेचे जाने संबंधी खबरों ने व्यापक ध्यान खींचा। हालांकि, इस्पात मंत्रालय के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद बिक्री की तैयारी संबंधी दावे को गलत बताया गया है।

PIB फैक्ट चेक ने भी खबरों को बताया निराधार

भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस्पात मंत्रालय के साथ PIB फैक्ट चेक इकाई ने भी इन खबरों का खंडन किया है। प्रबंधन ने कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और उन्हें आगे प्रसारित करने से बचें।

आधिकारिक जानकारी के बाद ही करें भरोसा

सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी खबर को बिना पुष्टि साझा करने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर बड़े सरकारी उपक्रमों से जुड़े मामलों में आधिकारिक सूचना की जांच करना जरूरी है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने भी लोगों से किसी सूचना को साझा करने से पहले प्रमाणित स्रोतों से उसकी पुष्टि करने का आग्रह किया है।

फिलहाल, भिलाई स्टील प्लांट को बेचने की तैयारी संबंधी दावे को इस्पात मंत्रालय ने गलत बताया है।