कटघोरा : गणेश चतुर्थी नजदीक.. लेने लगें गणपति बप्पा अपना स्वरूप.. अलग-अलग मॉडल में बप्पा की मूर्तियाँ उपलब्ध, एक से ढाई और 3 से 20 फीट की मूर्तियां दिखीं बाजार में.

कोरबा/कटघोरा 25 अगस्त 2022 ( सेंट्रल छत्तीसगढ़ ) : 31 अगस्त को देशभर में गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। इसे लेकर कोरबा जिले के उपनगरीय क्षेत्र कटघोरा नगर में धूम मची हुई है। कलकत्ता के कलाकार पहुंच गए हैं और गणेश जी की मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। शहरवासियों में भी गणेश जी की मूर्तियों की ख़रीदारी को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। पोंडी उपरोड़ा, सुतर्रा, छुरी तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों से लोग मूर्ती का ऑर्डर देने तथा मनपसंद मूर्तियों की बुकिंग कराने लोग कटघोरा पहुंच रहे हैं तथा गणेश जी की मूर्तियां खरीदने आ रहे हैं।

कटघोरा में वर्षों से बंगाल के मूर्ती कलाकार कार्तिक पाल अपने परिवार के साथ प्रतिवर्ष आ रहे हैं मिट्टी के साथ, सुंदर रंगों व सुंदर कपड़ों तथा अद्भुत साज सज्जा के साथ बप्पा की मूर्तियां तैयार हो रही हैं। कार्तिक पाल नामक कलाकार ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से मूर्तियों को बनाता आ रहा है। गणेश चतुर्थी के 6 महीने पहले से ही मूर्तियों की तैयारी शुरू हो जाती हैं। कटघोरा के गायत्री मन्दिर के समीप गणेश जी की मूर्तियां तैयार हो रही हैं।

कटघोरा में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयार हो रही गणेश जी की मूर्तियां

कार्तिक पाल ने बताया कि वह इको फ्रेंडली मूर्तियां बनाते हैं। इको फ्रेंडली मूर्तियां पानी में जल्दी घुल जाती हैं। एक फीट से लेकर 10 फीट की मूर्तियां बनाते हैं। कटघोरा नगर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भक्त यहां पर मूर्तियां लेने आ रहे हैं। कोरोना काल के 2 साल बाद गणेश चतुर्थी को लेकर काफी चहल पहल नजर आ रही है। इस बार त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा।

कार्तिक पाल ने बताया कि उनकी 4 पीढ़ियां मूर्तिकला से जुड़ी हैं। हर साल गणेश चतुर्थी से छह माह पहले ही कार्तिक पाल व उनकी टीम मूर्तियों के मॉडल तैयार कर लेते हैं। एक से ढाई फीट की मूर्ति बनाने में एक माह का समय लगता है। वहीं 3 से 10 फीट की मूर्ति बनाने में 4 माह का समय लगता है। उनके यहां 500 से लेकर 25 हज़ार कीमत तक कि मुर्तिया तैयार की गई हैं। गणेश चतुर्थी के लिए 6 माह पहले ही मूर्ति बनाने का काम शुरू करना पड़ता है।

गणेश चतुर्थी से एक माह पहले होती पेंटिंग

कटघोरा में वर्षों से मूर्ती बनाने का काम कर रहे मुर्तीकार कार्तिक पाल ने बताया कि एक माह पहले पेंटिंग की प्रक्रिया शुरू होती है। गणेश पूजा से 5 दिन पहले मूर्तियों की बिक्री शुरू होती है। एक से ढाई फुट की मूर्तियों के करीब 15 मॉडल तैयार किए हैं। 3 से 10 फीट की मूर्तियों के 55 अलग-अलग मॉडल तैयार किए। इन मूर्तियों पर ऑयल पेंट का प्रयोग नहीं, बल्कि वाटर प्रूफ रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। 12 फीट की 25 मूर्तियां स्पेशल डिमांड पर बनाई जाती हैं।

31 अगस्त से शुरू होगा गणेश उत्सव

गौरतलब है कि पिछले 2 साल से कोरोना महामारी के चलते गणेश और दुर्गा पूजा के लिए बनाई जा रही मूर्तियों के साइज और पंडाल में भीड़ को लेकर निर्देश जारी किया गया था लेकिन इस बार प्रशासन ने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है। इससे मूर्तिकारों को बड़ी राहत मिलेगी. बता दें कि 31 अगस्त से गणेश उत्सव की शुरुआत होगी. इसके बाद अगले महीने 26 सितंबर से दुर्गा पूजा भी प्रारंभ हो जाएगी। इसके लिए राज्य के मूर्तिकारों ने दो महीने पहले से मूर्ति बनाने का काम शुरू कर दिया है।