
रायगढ़ ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शनिवार को ग्राम बंधापाली (घिनारा) में स्वास्थ्य और स्वच्छता की अनूठी अलख जगाई गई। शिखर युवा मंच एवं SBI संजीवनी ‘मिल्स ऑन व्हील्स’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों को जानलेवा बीमारी मलेरिया के विरुद्ध एकजुट होने का संदेश दिया।

जागरूकता से ही बचाव संभव
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को विस्तार से बताया कि मलेरिया केवल एक सामान्य बुखार नहीं, बल्कि समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी हो सकता है। मेडिकल टीम ने इसके लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:
- तेज बुखार के साथ ठंड लगना।
- लगातार सिरदर्द और शारीरिक कमजोरी महसूस होना।
- जी मिचलाना और उल्टी आना।
- ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव: गांव की नालियों और गंदगी वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर डाला गया।
- दवा का छिड़काव: जलजमाव वाले क्षेत्रों में कीटनाशकों और मच्छरों के प्रजनन को रोकने वाली दवाइयों का छिड़काव किया गया।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें (कूलर, टायर, टूटे बर्तनों की सफाई करें)।
- सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें ताकि मच्छरों के काटने का जोखिम कम हो।