
कोरबा (सेंट्रल छत्तीसगढ़ ): नियति का क्रूर खेल देखिए, जिस घर में अभी शादी की शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब चीख-पुकार मची है। उरगा थाना क्षेत्र के फरसवानी टोल नाका के पास एक अनियंत्रित कार ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।
काल बनकर खड़ी थी सड़क किनारे हाइवा
हादसा इतना भीषण था कि कार डिवाइडर से टकराने के बाद हवा में उछलकर सड़क किनारे खड़ी कोयले से लदी हाइवा में जा घुसी। लोहे और भारी वाहन के बीच फंसी कार किसी खिलौने की तरह पिचक गई।
इनकी हुई दर्दनाक मौत:
- प्रियांश (ढाई साल): उस मासूम ने अभी दुनिया ठीक से देखी भी नहीं थी।
- देवेन्द्र सोनी (22 वर्ष): परिवार का युवा कंधा, जिसकी आंखों में भविष्य के सपने थे।
- मोंगरा सोनी (45 वर्ष): घर की वो धुरी, जिसके सिर पर परिवार की जिम्मेदारी थी।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
हादसे में तीन अन्य लोग घायल हैं, जिनमें से एक की सांसें अटकी हुई हैं और स्थिति गंभीर बनी हुई है। घायलों को तत्काल चांपा और जांजगीर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बीडीएम अस्पताल चांपा में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।
बड़ा सवाल?
सड़क किनारे बेतरतीब खड़े कोयले के हाइवा अक्सर काल का कारण बन रहे हैं। क्या प्रशासन इन खड़े वाहनों पर लगाम कसेगा, या मासूमों की बलि ऐसे ही चढ़ती रहेगी?
ब्यूरो रिपोर्ट: सेंट्रल छत्तीसगढ़