
कटघोरा( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): कटघोरा वनमंडल में इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। वन विभाग के अधिकारी ने संग्रहण की प्रगति और संग्राहकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
संग्रहण लक्ष्य और वर्तमान प्रगति
अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष कटघोरा वनमंडल के लिए 76,300 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- वर्तमान स्थिति: अब तक लक्ष्य का लगभग 44% से 45% कार्य पूर्ण हो चुका है।
- संग्रहित राशि: अब तक 18 करोड़ 55 लाख 72 हजार रुपये मूल्य का तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है।
- भुगतान: संग्राहकों को उनकी मेहनत का फल शीघ्र मिलेगा। अगले 7 से 10 दिनों के भीतर भुगतान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में ऑनलाइन जमा कर दी जाएगी।
सुरक्षा और सावधानी: ‘जान है तो जहान है’

तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान वन्यजीवों (विशेषकर हाथियों और भालुओं) के साथ होने वाले आमने-सामने के टकराव को टालने के लिए वनमंडल अधिकारी ने सख्त हिदायत दी है:.।
- समूह में कार्य करें: संग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अकेले जंगल न जाएं और हमेशा समूह (ग्रुप) में रहकर ही पत्ता तोड़ें।
- समय का ध्यान: सुबह के वक्त भालू और अन्य वन्यजीवों का विचरण अधिक होता है, इसलिए अधिक सावधानी बरतें।
- वन्यजीवों को न छेड़ें: जिस क्षेत्र में हाथियों या भालुओं की मौजूदगी की सूचना मिले, वहां कुछ समय के लिए संग्रहण कार्य रोक दें।
24 घंटे टोल-फ्री हेल्पलाइन
संग्राहकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और वन्यजीवों की सूचना देने के लिए विभाग ने एक टोल-फ्री नंबर जारी किया है जो 24 घंटे क्रियाशील रहेगा:
हेल्पलाइन नंबर: 1800-233-1416
इस नंबर पर कॉल करके संग्राहक अपनी किसी भी समस्या या जंगल में वन्यजीवों की मौजूदगी के बारे में अवगत करा सकते हैं। साथ ही, सुशासन की दिशा में विभाग का डेस्क भी संग्राहकों की मदद के लिए उपलब्ध है।
निष्कर्ष
पिछले वर्ष 94% लक्ष्य प्राप्त करने के बाद, कटघोरा वनमंडल इस वर्ष भी राज्य में अग्रणी रहने का प्रयास कर रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य संग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले तेंदूपत्ते का अधिकतम संग्रहण करना है।