ग्राउंड रिपोर्ट: लाखों खर्च के बाद भी कटघोरा नगर पालिका की ‘हाईटेक’ चौपाटी नरक में तब्दील

कटघोरा (कोरबा): एक तरफ शासन सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों/लाखों रुपये खर्च कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कटघोरा नगर पालिका परिषद की लापरवाही के कारण आम जनता और व्यापारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पुष्प वाटिका के सामने बनी नगर पालिका की चौपाटी इन दिनों ‘सफाई’ की नहीं, बल्कि ‘अफ़सरों की नींद’ और ‘गंदगी’ का जीता-जागता उदाहरण बन गई है।

​बरसात का मौसम शुरू होते ही चौपाटी का असली चेहरा सामने आ गया है, जहाँ चारों तरफ केवल गंदगी का आलम है और जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।

​बदहाली की तस्वीरें: लाखों खर्च, फिर भी ‘कीचड़’ में चौपाटी

​संलग्न तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि चौपाटी के मुख्य रास्तों पर घुटनों तक पानी और कीचड़ भरा हुआ है। नगर पालिका ने ‘स्मार्ट सिटी’ के नाम पर यहाँ पेवर ब्लॉक तो बिछाए थे, लेकिन बिना प्रॉपर ड्रेनेज (जल निकासी) के ये ब्लॉक अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं।

DMF फंड का दुरुपयोग?

हैरानी की बात यह है कि चौपाटी के बाहर लगा आधिकारिक बोर्ड (image_0.png) विकास का बड़ा दावा करता है:

  • मद का नाम: जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) मद।
  • कार्य का नाम: पुष्प वाटिका के सामने चौपाटी निर्माण।
  • स्वीकृत राशि: ₹25.55 लाख।
  • निर्माण एजेंसी: नगर पालिका परिषद कटघोरा।
  • स्वीकृत वर्ष: 2024-2025।

​जनता सवाल पूछ रही है कि जब 2024-25 में ही लगभग ₹25 लाख स्वीकृत हुए, तो फिर पहली ही बारिश में यहाँ नरक जैसा माहौल क्यों है? क्या इस राशि का सही इस्तेमाल हुआ?

​आवारा पशुओं का ‘आतंक’ और ‘होटल’ का संकट

​चौपाटी में आने वाले ग्राहकों और व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत यहाँ का ‘गंदगी का आलम’ और ‘आवारा पशु’ हैं। तस्वीरों (जैसे: image_3.png, image_4.png) में खाने-पीने की दुकानों के ठीक सामने गाय और बैलों का जमावड़ा साफ़ नज़र आ रहा है।

होटल संचालक परेशान:

होटल और स्टॉल चलाने वाले व्यापारियों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि गंदगी और मवेशियों की मौजूदगी के कारण लोग अब चौपाटी में आने से दूरी बना रहे हैं। ग्राहक साफ़-सफाई और सुरक्षा को लेकर डरे रहते हैं। एक व्यापारी ने कहा, “खाने के पास मवेशी खड़े रहते हैं, ग्राहकों को बिठाने की जगह नहीं है। अधिकारी बस कागज़ों में काम कर रहे हैं, ज़मीन पर सब बर्बाद है।”

​अधिकारी सो रहे हैं नींद में, जनता त्रस्त

​नगर पालिका कटघोरा के अधिकारियों की संवेदनहीनता चरम पर है। DMF फंड जैसी महत्वपूर्ण राशि का उपयोग होने के बावजूद चौपाटी में सफाई व्यवस्था ठप है। बारिश के पानी में कीचड़ और मवेशियों की गंदगी मिलकर गंभीर बीमारियों (जैसे डायरिया, संक्रमण) को न्योता दे रही है।

​स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर नगर पालिका प्रशासन ने जल्द ही सफाई और जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।