अघोर गुरु पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री, पूजा-अर्चना कर लिया बाबा प्रियदर्शी राम का आशीर्वाद; बच्चों के विज्ञान मॉडल भी देखे
रायगढ़, 18 सितम्बर 2026/ अघोरेश्वर भगवान राम जी के अवतरण दिवस पर बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में सेवा, साधना और शिक्षा का संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आश्रम पहुंचकर अघोरेश्वर भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया और आश्रम की परंपरा के अनुसार पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री ने अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने बच्चों से उनके मॉडल और नवाचारों की जानकारी ली। विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन मानव सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है। बनोरा अघोर गुरु पीठ इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रहा है।
शिक्षा के साथ संस्कार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया विद्या मंदिर क्षेत्र के बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षा के नए अवसर लेकर आया है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है। बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना महत्वपूर्ण है। विज्ञान प्रदर्शनी जैसे आयोजन बच्चों को नए विचारों के साथ प्रयोग करने और अपनी प्रतिभा सामने रखने का अवसर देते हैं।
अघोरेश्वर भगवान राम से परिवार का पुराना संबंध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी और बनोरा आश्रम से उनके परिवार का पुराना आत्मीय संबंध रहा है। उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय जी अघोरेश्वर भगवान राम जी के परम शिष्य थे। इसी कारण बचपन से ही परिवार में बाबा के प्रति श्रद्धा और उनके सेवा-दर्शन का प्रभाव रहा है।
मुख्यमंत्री ने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता रहा है। बनोरा आकर उन्हें आत्मीयता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।
8 एकड़ में तैयार हुआ आधुनिक विद्यालय
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट द्वारा निर्मित अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नया परिसर करीब 8 एकड़ में विकसित किया गया है। लगभग एक लाख वर्गफीट में बने जी+2 भवन में 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं हैं। इसके अलावा पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध है।
नर्सरी के बच्चों के लिए खेल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है। विद्यालय के संचालन के लिए 32 शिक्षक और 14 कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।
सेवा कार्यों की भी लंबी परंपरा
बनोरा आश्रम वर्षों से स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज सेवा से जुड़े कार्यों का केंद्र रहा है। स्वास्थ्य एवं नेत्र शिविर, जरूरतमंदों की सहायता और दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियों के माध्यम से सेवा कार्य किए जाते रहे हैं।
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने कहा कि बनोरा आश्रम आध्यात्मिक साधना के साथ मानव सेवा, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नवीन विद्यालय भवन से सेवा परंपरा में शिक्षा का एक और मजबूत आयाम जुड़ा है।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुकलाल चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट के पदाधिकारी, संतवृंद, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।