रायपुर, 18 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को निवेश और रोजगार के बड़े सेक्टर के रूप में विकसित करने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की विभिन्न होटल, मोटल, रिसॉर्ट और पर्यटन इकाइयों को लीज पर देने की तैयारी के बीच ‘एक्सप्लोर, इनवेस्ट, ट्रांसफार्म’ थीम पर प्री-एनआईटी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कॉन्फ्रेंस में संभावित निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को बोर्ड की प्रॉपर्टीज, लीज एवं टेंडर प्रक्रिया, सरकारी प्रोत्साहन, सिंगल विंडो सिस्टम और PPP मॉडल से जुड़ी जानकारी दी गई।
आयोजन में इस बात पर विशेष जोर रहा कि निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश के जरिए पर्यटन इकाइयों का बेहतर संचालन किया जाए और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पर्यटन के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
बोर्ड की प्रॉपर्टीज में निवेश के अवसर
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बोर्ड की विभिन्न होटल, मोटल, रिसॉर्ट एवं पर्यटन इकाइयों की जानकारी दी। उन्होंने प्रॉपर्टीज की लोकेशन, उपलब्ध सुविधाओं, प्रमुख विशेषताओं और उनके विकास की संभावनाओं से निवेशकों को अवगत कराया।

उन्होंने लीज और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देते हुए निवेशकों एवं स्टेकहोल्डर्स के सवालों का समाधान भी किया। बोर्ड का उद्देश्य लीज प्रक्रिया से संबंधित जानकारी को स्पष्ट और सुगम बनाकर अधिक से अधिक योग्य निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्राकृतिक संपदा से पर्यटन तक निवेश की संभावनाएं
पर्यटन एवं संस्कृति सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और विविध पर्यटन स्थलों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि बेहतर पर्यटक सुविधाओं और मजबूत हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से पर्यटन गतिविधियों को विस्तार दिया जा सकता है। पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
पर्यटन प्रॉपर्टीज से स्थानीय कारोबार को मिलेगा आधार
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थल अपनी प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधता के कारण विशेष पहचान रखते हैं। होटल और रिसॉर्ट जैसी सुविधाओं का बेहतर संचालन पर्यटन अनुभव को मजबूत करने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास को स्थानीय रोजगार और कारोबार से जोड़ना जरूरी है, ताकि पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों को भी आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिल सके।
सिंगल विंडो से निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी
कॉन्फ्रेंस में निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के बारे में जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य पर्यटन परियोजनाओं से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं और आवश्यक अनुमतियों को अधिक व्यवस्थित एवं सुगम बनाना है।
निवेशकों को आवश्यक जानकारी एक ही व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध कराने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में प्रक्रियागत सुविधा उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।
सब्सिडी और सरकारी प्रोत्साहनों की जानकारी
सीएसआईडीसी के उप संचालक अमेय त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन एवं संबंधित क्षेत्रों में निवेश के लिए उपलब्ध सब्सिडी, प्रोत्साहन और अन्य सरकारी सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने पात्र परियोजनाओं और निवेश सुविधाओं से जुड़े प्रावधानों को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समझाया।
PPP मॉडल से संचालन में निजी विशेषज्ञता का इस्तेमाल
अर्नेस्ट एंड यंग के पार्टनर एवं PPP एक्सपर्ट अंकुर गर्ग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र की भूमिका, निवेश, परियोजना संचालन तथा संभावित राजस्व मॉडल जैसे विषयों की जानकारी दी गई।
पर्यटन परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का उपयोग कर सुविधाओं और संचालन को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
डिजिटल वेरिफिकेशन पर भी हुआ फोकस
UIDAI दिल्ली के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने आधार आधारित डिजिटल एवं ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था की उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने सिक्योर QR कोड के माध्यम से दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचने की प्रक्रिया भी समझाई।
कार्यक्रम में बताया गया कि अधिकृत संस्थाओं द्वारा नियमों और वैध उद्देश्य के अनुरूप डिजिटल सत्यापन व्यवस्था का उपयोग पहचान एवं दस्तावेजों की जांच को तेज और व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकता है।
‘एक्सप्लोर, इनवेस्ट, ट्रांसफार्म’ पर आगे बढ़ी रणनीति
प्री-एनआईटी कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य टूरिज्म बोर्ड की विभिन्न प्रॉपर्टीज को लीज पर देने की प्रस्तावित प्रक्रिया को निवेशकों के सामने रखना और पर्यटन क्षेत्र में निजी भागीदारी की संभावनाओं पर संवाद करना रहा।
होटल, मोटल और रिसॉर्ट के संचालन से लेकर पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, सरकारी प्रोत्साहन, सिंगल विंडो व्यवस्था, PPP मॉडल, हॉस्पिटैलिटी और डिजिटल तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इस पहल के जरिए छत्तीसगढ़ की पर्यटन संपदा को निवेश, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं पर फोकस किया गया है।