ढेलावाडीह में 26वें वर्ष धूमधाम से मनेगी दुर्गा पूजा: सिद्धेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य आदर्श कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से होगी श्रीमद् देवी भागवत कथा, सजेगा दिव्य दरबार

कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): सद्भावना मां दुर्गा पूजा समिति, नया कॉलोनी (ढेलवाडीह) द्वारा इस वर्ष 26वें दुर्गा पूजा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। समिति द्वारा पिछले 25 वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के साथ श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। 11 से 19 तारीख तक चलने वाले इस नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में कथा व्यास के रूप में श्री सिद्धेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पूज्य आचार्य आदर्श कृष्ण शास्त्री जी महाराज उपस्थित रहेंगे।

श्रद्धालु नौ दिनों तक मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना के साथ आचार्य श्री के श्रीमुख से श्रीमद् देवी भागवत कथा का रसपान करेंगे। इस दौरान नया कॉलोनी स्थित मुख्य पंडाल परिसर में डांडिया उत्सव का भी भव्य आयोजन किया जाएगा।

13, 16 और 19 को लगेगा सिद्धेश्वर धाम का दिव्य दरबार

आयोजन के तहत श्रद्धालुओं के कष्ट निवारण हेतु विशेष दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा। 13, 16 और 19 तारीख को दोपहर 1:00 बजे से पीठाधीश्वर आचार्य आदर्श कृष्ण शास्त्री जी महाराज द्वारा दिव्य दरबार लगाया जाएगा, जिसमें क्षेत्र एवं आसपास के श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान और मार्गदर्शन हेतु शामिल हो सकेंगे।

कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक संध्या का भी रहेगा आकर्षण

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ समिति द्वारा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी रूपरेखा तैयार की गई है:

  • 15 तारीख: प्रसिद्ध कवि हीरामणि वैष्णव के सानिध्य में कवि सम्मेलन का आयोजन।
  • 17 तारीख: प्रदेश के ख्यातिलब्ध कवि कृष्ण कुमार भारती, सेन एवं अन्य आमंत्रित कवियों की मौजूदगी में शाम 8:00 बजे से भव्य काव्य संध्या।

समिति के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से इस नौ दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव में सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

 

आस्था और परंपरा का प्रतीक बना आयोजन

ढेलवाडीह में लगातार 26वें वर्ष आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा आयोजन है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक विचारों से जुड़ने तथा सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आराधना करने का अवसर मिलता है।
आयोजन से संबंधित तिथि, कथा के समय और अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी आयोजकों द्वारा अलग से साझा किए जाने पर श्रद्धालु उसके अनुसार अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकेंगे।