
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़) : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा में आज उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब सामान्य सभा की बैठक में पहुंचे जनपद सदस्यों ने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार कर दिया। नाराज सदस्य केवल बैठक से बाहर ही नहीं आए, बल्कि जनपद पंचायत कार्यालय में ताला लगाने की मांग को लेकर कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने ही धरने पर बैठ गए।
- कोरबा जिले के जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा में सामान्य सभा की बैठक का सदस्यों ने किया सामूहिक बहिष्कार।
- जनपद पंचायत कार्यालय के सामने धरने पर बैठे सभी सदस्य, प्रशासन पर लगाया ‘भ्रष्टाचार’ और ‘कमीशनखोरी’ का आरोप।
- सदस्यों का दावा: राज्य की विष्णुदेव साय सरकार की पारदर्शिता की मंशा पर स्थानीय अधिकारी फेर रहे हैं पानी।
- निर्माण कार्यों की आईडी और जानकारी छिपाने का आरोप, जनपद सीईओ के खिलाफ फूटा आक्रोश।
जनपद सदस्यों का आरोप है कि पोड़ी उपरोड़ा जनपद कार्यालय में भ्रष्टाचार इस वक्त चरम सीमा पर पहुंच चुका है। धरने पर बैठे सदस्यों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार पूरी तरह से पारदर्शिता और सुचारू रूप से काम कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जनपद सीईओ और कुछ अधिकारियों द्वारा इस पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
“जनप्रतिनिधियों का हो रहा शोषण, तो आम जनता का क्या होगा?”
आंदोलनकारी सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जनपद क्षेत्र में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों की जानकारी तथा आईडी (ID) मांगने का पूरा अधिकार है। परंतु, जनपद सीईओ द्वारा उन्हें लिखित या मौखिक रूप से यह जानकारियां देने से मना किया जा रहा है।
अधिकारियों के इस तानाशाही रवैये पर आक्रोश जताते हुए सदस्यों ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि हमारे ही जनपद में जनप्रतिनिधियों का शोषण किया जा रहा है। अगर चुने हुए जनप्रतिनिधियों का यह हाल होगा, तो क्षेत्र की आम जनता का क्या होगा? यह हमारे क्षेत्र को लूटकर बर्बाद करने की एक बड़ी साजिश है, जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
कार्यालय में तालाबंदी की तैयारी:
समाचार लिखे जाने तक, सभी जनपद सदस्य अपनी मांगों को लेकर और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कार्यालय के सामने डटे हुए हैं। सदस्यों का साफ कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं कसी जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और वे जनपद पंचायत में तालाबंदी करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।