
एसडीएम के निर्देशों को ताक पर रखकर सरपंच और जनप्रतिनिधियों पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप; कलेक्टर से तत्काल जांच की मांग
पोड़ी उपरोड़ा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ )
ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लेपरा के चुनभट्टी मोहल्ले में आंगनवाड़ी भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरपंच द्वारा प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हुए, नियमों को ताक पर रखकर कम जनसंख्या वाले क्षेत्र में आंगनवाड़ी का भूमिपूजन कर दिया गया है। इस मनमानी से चुनभट्टी के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने जिला कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, जब इस आंगनवाड़ी केंद्र की स्वीकृति के लिए शुरुआती सर्वे किया गया था, तब चुनभट्टी मोहल्ले की जनसंख्या और बच्चों को शामिल किया गया था। इसी सर्वे के आधार पर आंगनवाड़ी की स्वीकृति मिली थी।
शुरुआत में चुनभट्टी मोहल्ले में चंद्रकला पोर्ते और गांव के बुजुर्गों की उपस्थिति में नियमानुसार भूमिपूजन किया गया था। परंतु बाद में मुड़की गांव के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए दावा किया कि आंगनवाड़ी उनके गांव के नाम से स्वीकृत है, इसलिए इसका निर्माण मुड़की में ही होना चाहिए। चुनभट्टी के ग्रामीणों ने आपसी सहमति और समर्थन के लिए मुड़की वालों से संपर्क भी किया, लेकिन मुड़की पक्ष की ओर से कोई सकारात्मक समर्थन नहीं मिला।
एसडीएम ने दिया था चुनभट्टी में निर्माण का आदेश
विवाद बढ़ने पर चुनभट्टी के ग्रामीण न्याय की गुहार लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के पास पहुंचे थे। एसडीएम ने दोनों पक्षों और आंकड़ों की समीक्षा करने के बाद पाया कि चुनभट्टी में बच्चों और हितग्राहियों की संख्या अधिक है। इसके बाद एसडीएम ने स्पष्ट रूप से चुनभट्टी में ही आंगनवाड़ी निर्माण के पक्ष में निर्देश दिए और सरपंच को काम शुरू करने की अनुमति प्रदान की थी।
आंकड़ों का खेल: जहाँ जरूरत, वहाँ से छीना हक
दोनों क्षेत्रों में आंगनवाड़ी के लाभार्थियों (हितग्राहियों) के आंकड़े चौंकाने वाले हैं, जो चुनभट्टी के ग्रामीणों के दावों को मजबूत करते हैं:
शुक्रवार को नियमों को ताक पर रखकर दोबारा हुआ भूमिपूजन
एसडीएम के स्पष्ट आदेश और चुनभट्टी में भारी संख्या में मौजूद बच्चों के बावजूद, कथित तौर पर प्रशासनिक निर्देशों की धज्जियां उड़ाई गईं। शुक्रवार, 5 जून 2026 को सुबह 9:30 बजे, सरपंच चंद्रकला पोर्ते, पंच देव सिंह खड़िया और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुड़की गांव में दोबारा आंगनवाड़ी का भूमिपूजन कर दिया गया।
सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप, कलेक्टर से गुहार
चुनभट्टी के ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का आरोप है कि जनपद सदस्य, सरपंच और पंच मिलकर केवल राजनीतिक दबाव या निजी हितों के चलते सरकारी पैसे का घोर दुरुपयोग कर रहे हैं। जहां एक भी गर्भवती महिला नहीं है और सिर्फ दो बच्चे हैं, वहां आंगनवाड़ी भवन बनाना सीधे तौर पर शासकीय धन की बर्बादी है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से हाथ जोड़कर विनती की है कि इस गंभीर मामले का अगले दो-तीन दिनों के भीतर निराकरण किया जाए। उन्होंने मांग की है कि एसडीएम, परियोजना अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) और सुपरवाइजर की एक संयुक्त टीम को तत्काल मौके पर जांच के लिए भेजा जाए, ताकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ रुक सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके।
| श्रेणी | चुनभट्टी मोहल्ला (जहाँ जरूरत है) | मुड़की गांव (जहाँ भूमिपूजन किया गया) |
|---|---|---|
| बच्चों की कुल संख्या | 25 से 30 | सिर्फ 02 |
| गर्भवती महिलाएं | 04 | 00 |
| किशोरी बालिकाएं | 03 | 00 |