
बिलासपुर | 27 अप्रैल 2026( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): शिक्षा के मंदिर और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बिलासपुर के कोनी स्थित परीक्षा केंद्र में एक छात्र के साथ हुई ‘अमानवीय’ और ‘अपमानजनक’ व्यवहार ने प्रशासनिक संवेदनशीलता की कलई खोल दी है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित मंडी निरीक्षक परीक्षा के दौरान शासकीय बालक पॉलिटेक्निक कॉलेज (कोनी) में एक परीक्षार्थी को न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसे सरेआम अपनी मर्यादा छोड़ने पर विवश किया गया।
छात्र की आपबीती: “पूरी परीक्षा के दौरान अपमानित महसूस करता रहा”
पीड़ित छात्र प्रियांशु जायसवाल ने जिलाधीश को सौंपे पत्र में बताया कि वह 26 अप्रैल को समय पर अपने परीक्षा केंद्र पहुँचा था। मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा निरीक्षक ने जाँच के दौरान छात्र के साथ अभद्रता की पराकाष्ठा पार कर दी। छात्र का आरोप है कि:
- वह शालीन वेशभूषा में था, फिर भी उसे संदेह के घेरे में रखा गया।
- निरीक्षक ने जबरन उसकी टी-शर्ट उतरवा दी।
- छात्र को परीक्षा हॉल में अर्धनग्न अवस्था में बैठकर पर्चा हल करने के लिए मजबूर किया गया।
भविष्य के परीक्षार्थियों के लिए उठाई आवाज़
छात्र ने रोल नंबर 13053140 के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि उक्त दोषी निरीक्षक पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। छात्र का कहना है कि अगर आज इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो भविष्य में अन्य अभ्यर्थियों को भी ऐसी मानसिक प्रताड़ना और ‘बॉडी शेमिंग’ का शिकार होना पड़ेगा।
प्रशासनिक रुख
जिलाधीश कार्यालय ने शिकायत पत्र स्वीकार कर लिया है । अब देखना यह होगा कि शिक्षा और परीक्षा विभाग इस संवेदनहीन कृत्य पर क्या एक्शन लेता है। क्या एक छात्र की गरिमा से बड़ा परीक्षा का ‘ड्रेस कोड’ हो सकता है?