
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : पीएम श्री एकलव्य आवासीय विद्यालय, छुरी से छात्र-छात्राओं की प्रताड़ना और अव्यवस्था का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बच्चों ने लिखित रूप से अपनी व्यथा बताते हुए स्कूल प्रबंधन और विशेषकर प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्चों का कहना है कि वे विद्यालय में खुद को “बंधक” महसूस कर रहे हैं।
भोजन की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल: ‘प्लास्टिक चावल’ का आरोप
विद्यालय के छात्रों का आरोप है कि उन्हें दिया जाने वाला खाना न केवल खराब गुणवत्ता का है, बल्कि उन्हें ‘प्लास्टिक चावल’ खिलाया जा रहा है। मजबूरी में बच्चे भूखे रह रहे हैं या खराब खाना खाने को विवश हैं। इस गंभीर विषय पर जब बच्चों ने प्रिंसिपल को अवगत कराया, तो उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
बंधक जैसे हालात और TC की धमकी
बच्चों ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें नियमों का हवाला देकर बंधकों की तरह रखा जा रहा है।
- पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए भी मनाही: बच्चों को उनके घर में होने वाले आवश्यक पारिवारिक कार्यक्रमों में जाने के लिए छुट्टी नहीं दी जा रही है।
- धमकाना: यदि कोई छात्र जबरन छुट्टी मांगता है, तो उसे स्कूल से निकालने और टी.सी. (Transfer Certificate) काट देने की धमकी दी जा रही है।
पढ़ाई ठप, शिक्षक छुट्टी पर
शिक्षा के स्तर पर भी विद्यालय की स्थिति दयनीय बताई गई है। बच्चों का कहना है कि:
- अधिकांश शिक्षक छुट्टी पर चले गए हैं।
- क्लास में वास्तविक पढ़ाई के बजाय बच्चों को सिर्फ प्रोजेक्टर और टीवी दिखाकर खानापूर्ति की जा रही है।
- प्रिंसिपल की ‘मनमानी’ के कारण पूरा शैक्षणिक माहौल खराब हो चुका है।
प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं नौनिहाल
एकलव्य विद्यालय, जिसे आदिवासी बच्चों के भविष्य संवारने के लिए बनाया गया था, वहां के बच्चे आज खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। बच्चों के इस लिखित शिकायती पत्र ने प्रशासनिक निगरानी और स्कूल प्रबंधन की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य बिंदु:
- विद्यालय: पीएम श्री एकलव्य आवासीय विद्यालय, छुरी।
- प्रमुख आरोप: खराब भोजन (प्लास्टिक चावल), छुट्टी न देना, टीसी काटने की धमकी और शिक्षकों की अनुपस्थिति।
- प्रबंधन का रवैया: बच्चों की शिकायतों के प्रति उदासीनता और तानाशाही।
निष्कर्ष: इस मामले में तत्काल उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और उनके भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को रोका जा सके।