रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी मामले की जांच में लौह अयस्क पैलेट परिवहन से जुड़ी कथित वसूली का मामला भी सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के पूरक चालान में दावा किया गया है कि पैलेट परिवहन के लिए 100 रुपये प्रति टन की दर से कथित अवैध रकम वसूली जाती थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, कोयला परिवहन में कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की लेवी की व्यवस्था थी, जबकि लौह अयस्क पैलेट के मामले में यह राशि 100 रुपये प्रति टन बताई गई है। EOW ने इस संबंध में डायरी, डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेन-देन और विभागीय दस्तावेजों का हवाला दिया है।
पैलेट कारोबारियों की बैठक का उल्लेख
पूरक चालान में तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। EOW के मुताबिक, पैलेट उद्योगपतियों की बैठक लेकर उन्हें सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को 100 रुपये प्रति टन देने के निर्देश दिए जाने के तथ्य जांच में सामने आए हैं।
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि जब्त डायरियों में पैलेट उद्योग से कथित वसूली से संबंधित प्रविष्टियां भी मिली हैं। वसूली और उससे जुड़ी विभागीय कार्रवाई का विवरण चालान में शामिल किया गया है।
कोयले में 25 रुपये, पैलेट में 100 रुपये
EOW के अनुसार, कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से 25 रुपये प्रति टन की कथित अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई गई थी। वहीं लौह अयस्क पैलेट परिवहन में कथित वसूली की दर 100 रुपये प्रति टन बताई गई है।
डायरियों और डिजिटल रिकॉर्ड से जांच आगे बढ़ी
मामले की जांच में जब्त डायरियों, व्हाट्सऐप चैट, बैंक लेन-देन और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। EOW के अनुसार, इन रिकॉर्ड के आधार पर कथित रकम के संग्रह, लेन-देन और संपत्तियों में निवेश से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।
12 आरोपियों की भूमिका का विवरण
पूरक चालान में राम गोपाल अग्रवाल, देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव प्रसाद राय, जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा की कथित भूमिकाओं का विवरण दिया गया है।
मामले में आगे की विवेचना जारी रहने की बात भी चालान में कही गई है। EOW द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाना है।