कोल लेवी जांच में कुमार विश्वास के कार्यक्रम तक पहुंची EOW, 25 लाख रुपये की व्यवस्था का जिक्र

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की ओर से पेश किए गए छठे पूरक चालान में अब कवि कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम का भी उल्लेख सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों के बीच हुई कथित व्हाट्सऐप बातचीत में कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था किए जाने का जिक्र मिला है।

देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी की चैट बनी आधार

चार्जशीट की समरी के मुताबिक, 5 अप्रैल 2022 को तत्कालीन कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और कोल लेवी मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई कथित बातचीत को जांच में शामिल किया गया है। EOW के अनुसार, इसी बातचीत में रामनवमी के अवसर पर कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था का उल्लेख सामने आया।

‘हमर भांचा राम’ कार्यक्रम का मामला

जांच सामग्री में यह रकम खैरागढ़ में आयोजित कुमार विश्वास के ‘हमर भांचा राम’ कार्यक्रम से जुड़ी बताई गई है। यह कार्यक्रम वर्ष 2022 में खैरागढ़ उपचुनाव के दौरान आयोजित हुआ था। उस समय कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ था और भाजपा की ओर से निर्वाचन आयोग में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

6 और 7 अप्रैल की बातचीत भी जांच में

रिपोर्टों के अनुसार, EOW ने 5 अप्रैल की बातचीत के अलावा 6 अप्रैल की कथित बातचीत और 7 अप्रैल को ‘दुर्ग समूह’ में हुए संदेशों का भी उल्लेख किया है। इनमें नकद रकम मिलने और उसे आगे पहुंचाने से संबंधित संदेश होने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी ने इन चैट के स्क्रीनशॉट को भी अभियोग पत्र के साथ संलग्न किए जाने की बात कही है।

देवेंद्र यादव के नाम से 35 लाख की डायरी एंट्री

पूरक चालान में 9 अप्रैल 2022 की बातचीत और जब्त डायरी की एक प्रविष्टि का भी उल्लेख बताया गया है। EOW के अनुसार, बीएस-01 नाम की डायरी में देवेंद्र यादव के नाम से 35 लाख रुपये की एंट्री मिली है। एजेंसी ने इस प्रविष्टि और रकम पहुंचाने से जुड़े कथित बयानों को भी जांच सामग्री का हिस्सा बनाया है।

चार्जशीट में नाम आने का मतलब अपराध साबित होना नहीं

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि चार्जशीट में किसी व्यक्ति, कार्यक्रम या लेनदेन का उल्लेख होना अपने आप में आपराधिक दोष सिद्ध नहीं करता। कुमार विश्वास के संदर्भ में सामने आई जानकारी फिलहाल EOW की जांच और चार्जशीट में दर्ज दावों पर आधारित है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।