महिला स्व-सहायता समूहों के नाम पर 25 लाख की ठगी करने वाला शातिर आरोपी पुणे से गिरफ्तार, डेढ़ साल बाद भेजा गया जेल

कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर गठित स्व-सहायता समूहों के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये का गबन करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने आखिरकार महाराष्ट्र के पुणे से धर दबोचा है। आरोपी लगभग डेढ़ साल से फरार चल रहा था, जिसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

​समूहों के नाम पर विभिन्न बैंकों से लिया था 25 लाख का लोन

मिली जानकारी के अनुसार, कोदर गांव का निवासी पवन कुमार गौड़ (पिता बृजपाल सिंह गौड़) गांव की भोली-भाली महिलाओं को संगठित कर उनसे महिला स्व-सहायता समूह बनवाता था। उसने इन समूहों के बैंक खाते खुलवाए और कागजी औपचारिकताओं की आड़ में विभिन्न बैंकों से महिलाओं के समूहों के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया।

​ऋण की पूरी राशि अपने पास समेटने के बाद आरोपी पवन कुमार गांव छोड़कर फरार हो गया। जब बैंकों से किस्त वसूली और नोटिस आने लगे, तब पीड़ित महिलाओं को अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का अहसास हुआ।

​पाली थाने में दर्ज कराई गई थी शिकायत

धोखाधड़ी का शिकार हुई महिलाओं ने एकत्र होकर पाली थाना पहुंचकर आरोपी पवन कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धोखाधड़ी और गबन की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे वह करीब डेढ़ साल तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा।

​साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पुणे से दबोचा गया

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम और साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे में ट्रेस की गई। पाली पुलिस की टीम ने तुरंत पुणे रवाना होकर घेराबंदी की और आरोपी पवन कुमार को हिरासत में ले लिया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे वापस लाया गया और आवश्यक पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल कर दिया गया है।