सराईपाली खदान: लिफ्टरों और SECL प्रबंधन से बनी सहमति, ट्रक एवं ट्रेलर मालिक संघ का धरना समाप्त; तय दरों पर कल से होगा कोल परिवहन

 

पाली/कोरबा सेंट्रल छत्तीसगढ़ सराईपाली ओपन खदान क्षेत्र में कोल परिवहन भाड़े को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है। ‘ट्रांसपोर्ट ट्रक एवं ट्रेलर मालिक संघ, पाली’ द्वारा आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन के बाद लिफ्टरों और एसईसीएल (SECL) प्रबंधन के साथ सकारात्मक वार्ता हुई, जिसमें संघ की सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। मांगों के माने जाने के बाद यूनियन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है, जिससे संभावित चक्काजाम और हड़ताल टल गई है।

कम भाड़े और शोषण के खिलाफ दिया था सांकेतिक धरना

गौरतलब है कि लगातार बढ़ती महंगाई, गाड़ियों के रख-रखाव के खर्च और फाइनेंस के दबाव के बीच फैक्ट्रियों व लिफ्टरों द्वारा कम भाड़ा दिए जाने से वाहन स्वामियों में भारी आक्रोश था। वाहन मालिकों का कहना था कि कई वर्षों से भाड़ा नहीं बढ़ाया गया, जिससे ट्रांसपोर्टर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। इसी को लेकर संघ ने सराईपाली खदान में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया था और मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम व परिवहन ठप करने की चेतावनी दी थी।

वार्ता में बनी पूर्ण सहमति, तय दरें कल से लागू

धरना स्थल पर मीडिया को संबोधित करते हुए संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान ही लिफ्टरों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में लिफ्टरों ने यूनियन द्वारा तय भाड़ा दरों को पूर्ण रूप से स्वीकार कर लिया है। यह तय हुआ कि:

  • यूनियन द्वारा निर्धारित नई भाड़ा दरें कल से प्रभावी रूप से लागू होंगी।
  • तय दर से कम भाड़े पर किसी भी गाड़ी की लोडिंग नहीं होगी।
  • सराईपाली खदान के समस्त डी.ओ. (D.O.) में पाली क्षेत्र की 60% गाड़ियों से परिवहन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • भाड़े का भुगतान 15 दिनों के भीतर पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और बिल्टी में भाड़ा व कमीशन स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा।

खराब सड़कों और पार्किंग व्यवस्था पर भी SECL से चर्चा

यूनियन के प्रतिनिधियों ने एसईसीएल (SECL) प्रबंधन से भी मुलाकात की। इस दौरान खदान क्षेत्र की जर्जर व खराब सड़कों की मरम्मत कराने और वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर प्रबंधन ने सकारात्मक कदम उठाने की सहमति दी।

आंदोलन समाप्त, नहीं होगा चक्काजाम

यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि लिफ्टरों द्वारा सभी शर्तें माने जाने और प्रशासन व प्रबंधन के सकारात्मक रुख के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है। प्रस्तावित चक्काजाम को रद्द करते हुए कोल परिवहन को सुचारू रूप से जारी रखने का फैसला लिया गया है।

इस दौरान दीपका-गेवरा क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट यूनियन अध्यक्ष बाबा ठाकुर, रितेश जायसवाल सहित संघ के प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय वाहन स्वामी व चालक उपस्थित रहे।