
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़): जिला पंचायत कार्यालय परिसर में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब दफ्तर के भीतर एक 3 फीट लंबा बेहद जहरीला कोबरा सांप फन फैलाए बैठा नजर आया। कोबरा की फुंकार सुनकर दफ्तर में मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई और कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया। गनीमत रही कि समय रहते सांप पर नजर पड़ गई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

काम के दौरान अचानक गूंजी फुंकार, सहम गए कर्मचारी
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर जिला पंचायत के कर्मचारी रोज की तरह अपने शासकीय कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान किसी कर्मचारी की नजर दफ्तर के एक कोने में बैठे कोबरा सांप पर पड़ी। सांप को देखते ही कर्मचारी डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे। देखते ही देखते पूरे दफ्तर में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। कोई भी सांप के नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
RCRS टीम ने तत्परता से संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने तत्काल इसकी सूचना ‘रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी’ (RCRS) को दी। सूचना मिलते ही RCRS के प्रमुख अविनाश यादव अपने साथी सदस्य मानस के साथ रेस्क्यू किट लेकर तुरंत जिला पंचायत दफ्तर पहुँचे।
सावधानी से किया रेस्क्यू: RCRS टीम ने बेहद सूझबूझ और सावधानी का परिचय देते हुए कुछ ही मिनटों में 3 फीट लंबे इस फुंकार मारते कोबरा सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद ही जिला पंचायत परिसर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा कोबरा
RCRS टीम के सदस्यों ने बताया कि पकड़ा गया सांप अत्यंत विषैला ‘स्पेक्टेकल्ड कोबरा’ (नाग) है। टीम ने सांप को रेस्क्यू डिब्बे में सुरक्षित बंद कर लिया है, जिसे वन विभाग की अनुमति से शहर से दूर सुरक्षित प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया जाएगा। टीम ने नागरिकों से अपील की है कि रिहायशी इलाकों में सांप निकलने पर उसे मारें नहीं, बल्कि तत्काल विशेषज्ञों को सूचना दें।