रायपुर। छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर जहां प्रदेशभर में राज्योत्सव और उत्सव का माहौल रहा, वहीं दिल्ली में एसआईआर, ईवीएम और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस जैसे गौरवपूर्ण अवसर पर प्रदेश की जनता के बीच रहने के बजाय दिल्ली में प्रदर्शन करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस प्रदेशवासियों के लिए गौरव, स्वाभिमान और उत्सव का दिन है। यह दिन प्रदेश की साझा आकांक्षाओं, संघर्षों और उपलब्धियों का प्रतीक है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर विपक्षी नेताओं का प्रदेश से बाहर रहकर राजनीतिक प्रदर्शन करना उचित नहीं है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय जनता के बीच जाए विपक्ष
मुख्यमंत्री ने एसआईआर, ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर अविश्वास का माहौल बनाने के बजाय विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपने काम और नीतियों के आधार पर विश्वास अर्जित करना चाहिए।
साय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उसका निर्णय ही अंतिम होता है। यदि जनता किसी राजनीतिक दल को अपना समर्थन नहीं दे रही है, तो इसका समाधान चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने या राजनीतिक हंगामा करने में नहीं है। विपक्ष को जनता की अपेक्षाओं को समझना चाहिए और उसके सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए।
चुनाव जीतने के लिए जनता का दिल जीतना जरूरी
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का दिल जीतना पड़ता है। इसके लिए जनता के बीच रहकर उसके मुद्दों को समझना, विकास और कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम करना जरूरी है। लोकतंत्र में जनविश्वास का कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपने कार्यों और नीतियों के माध्यम से जनता का भरोसा हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।
स्थापना दिवस पर दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन
गौरतलब है कि एक नवंबर को छत्तीसगढ़ अपना 26वां स्थापना दिवस मना रहा है। इसी दिन दिल्ली में विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर, ईवीएम और चुनाव आयोग के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन और मार्च आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष को जनता के बीच जाकर विश्वास जीतने की नसीहत दी है।
मुख्यमंत्री के इस बयान से स्थापना दिवस के दिन छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया सियासी मुद्दा चर्चा में आ गया है।