
कोरबा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को सहायक शिक्षकों का प्रदर्शन होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने प्रदेश की हर उस सड़क और रेल मार्ग पर पहरा बिठा दिया, जो राजधानी रायपुर की आती हैं। शिक्षक जहां से भी रायपुर आते मिले वहीं उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर आज प्रदेश भर के सहायक शिक्षक विधानसभा घेराव के लिए राजधानी रायपुर रवाना हुए थे, पर रास्ते से ही उन्हें पकड़ लिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन में भारी आक्रोश है। आक्रोशित शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी कर इसका विरोध किया।
शिक्षको को मंहगाई भत्ता एवं वेतन विसंगति के संबंध में आज राजधानी रायपुर में बैठक होना है । लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की दमनकारी नीति के तहत शिक्षकों को उक्त बैठक में शामिल न होने देने के लिए जगह जगह पर पुलिस बल एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी को तैनात कर बसों को रुकवा कर कांच की जा रही है। बस में अन्य वाहनों से रायपुर जा रहे शिक्षक बैठे है की नहीं चेक किया जा रहा है। इसी कड़ी में पाली विकासखंड के अंतर्गत मुनगाडीह के कस्तूरबा छात्रावास के पास बसों की चेकिंग की जा रही है। और शिक्षकों को रोका जा रहा है।
पाली कस्तूरबा छात्रावास के पास बस रोक कर शिक्षकों को रायपुर जाने से रोकने पर शिक्षकों में भूपेश सरकार के खिलाफ खासी मराज़गी देखी गई। इससे आक्रोशित शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी कर इसका विरोध किया। विधानसभा घेराव करने जा रहे शिक्षकों ने कहा कि सरकार ने 3 साल पहले वेतन विसंगति दूर करने का वादा किया था, जो कि अब तक पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में आज प्रदेश भर के सहायक शिक्षक सांकेतिक विधानसभा घेराव करने जा रहे थे, जिन्हें जबरन रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादे से भाग रही है। सरकार को सहायक शिक्षकों के जायज मांग को पूरा करना ही होगा।
अनिश्चिकालील हड़ताल पर जाने की चेतावनी
रोके गए शिक्षकों ने बताया कि आज सहायक शिक्षकों का प्रदर्शन होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने प्रदेश की हर उस सड़क और रेल मार्ग पर पहरा बिठा दिया, जो राजधानी रायपुर की आती हैं। शिक्षक जहां से भी रायपुर आते मिले वहीं उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।संघ के सभी पदाधिकारी और सदस्य लाखों की संख्या में रायपुर इकट्ठा होने वाले थे। इसके बाद वह लोग विधानसभा पहुंचकर उसका घेराव करते। इसके लिए उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को आवेदन दिया था। इससे पहले टीचरों की गिरफ्तारी राज्य शासन के निर्देश पर की गई है। सहायक शिक्षकों का कहना है कि मांगें नहीं मानी गई तो सहायक शिक्षक अनिश्चिकालील हड़ताल पर चले जाएंगे।