नन्ही चेहरों पर लौटी मुस्कान , चिरायु योजना के अंतर्गत विशेष जनजातियों के बच्चों को मिला उपचार…

कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : चिरायु योजना से जन्म से कटे होंठ और तालू वाले बच्चों की निःशुल्क सर्जरी.. बेटे की सफल सर्जरी, मुस्कुराते चेहरे और आत्मविश्वास ने माता-पिता के भी सपनों को अब नए पर दे दिए हैं.

बच्चे का जन्म परिवार में ढेरों खुशियां लेकर आता है। लेकिन कभी-कभी नवजात का आगमन मां-बाप को खुशी का मौका देने के साथ ही उनके माथे पर चिंता की लकीर भी खींच देता है। कटे होंठ और कटे तालू की जन्मजात विकृति के साथ पैदा हुए बच्चों के परिजनों को भविष्य की चिंता सताने लगती है। प्रदेश में चिरायु योजना के माध्यम से ऐसे बच्चों की होने वाली निःशुल्क सर्जरी ने कई परिवारों की चिंता दूर कर दी है। इस योजना के माध्यम से अब तक 2054 बच्चों की सफल सर्जरी की जा चुकी है। इस योजना ने अनेक परिवारों की परेशानी दूर करने के साथ ही पीड़ित बच्चों का आत्मविश्वास भी लौटाया है।

कोरबा जिले सीएचएमओ डॉ बी.बी. बोर्डे के निर्देश पर पोंडी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ दीपक सिंह के मार्गदर्शन से डॉ सुमित कौशिक द्वारा ऐसे बच्चो को रायपुर के मेडिशाइन हास्पिटल ले जाकर सर्जरी करवाया गया। लगातार ऐसे बच्चों के परिजनों को परामर्श देकर आपरेशन को लेकर मन मे बैठे डर को दुर किया गया। अंतर्गत ग्राम पंचायत कुटेसर नगोई के महतोपारा के कौशल की बेटे रवि महतो के जन्म से ही तालू और होंठ कटे हुए थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिसाइन अस्पताल के सहयोग से उनके बेटे का सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद बेटे के चेहरे को देखकर पिता कौशल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे कहते हैं कि मानो बेटे को एक तरह से नया चेहरा ही मिल गया है।

इसी तरह ग्राम पंचायत बिंझरा के त्रिकुटी के राजकुमार के बेटे मनहरण के जन्मजात से कटे होंठ और तालू परेशानी का कारण थे। उन्हें हर दम बेटे के भविष्य की चिंता सताती थी। स्वास्थ्य विभाग के डॉ सुमित कौशिक व चिरायु दल द्वारा बच्चे का चिन्हांकन कर सफल ऑपरेशन कराया गया। बेटे की सफल सर्जरी, मुस्कुराते चेहरे और आत्मविश्वास ने माता-पिता के भी सपनों को अब नए पर दे दिए हैं।

पूर्ण रूप से स्वस्थ बच्चे की मुस्कान उसका आत्मविश्वास होती है। बच्चे की मासूम हंसी परिवार में खुशियां बिखेरती है। कई बच्चों के होंठ व तालू जन्मजात कटे होते हैं। जन्मजात कटे होंठ व तालू की समस्या 5000 बच्चों में से किसी-किसी को होती है। यह होंठ के दोनों तरफ या एक ही तरफ भी हो सकता है। सामान्यतः तालू के साथ होंठ भी कटा होता है, पर कभी-कभी अकेले तालू के कटे होने की सम्भावना भी रहती है। स्वास्थ्य विभाग के चिरायु दल द्वारा जन्मजात कटे होंठ और तालू वाले बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी के लिए पंजीयन किया जाता है। मितानिन व एएनएम (ANM) के माध्यम से भी इन बच्चों का चिन्हांकन कर चिरायु योजना के अंतर्गत पंजीयन किया जाता है। चिरायु दल द्वारा इन बच्चों की उच्च स्तरीय जांच कर अनुबंधित अस्पतालों में ऑपरेशन करवाया जाता है। राज्य में अब तक 2054 बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जन्मजात कटे होंठ व तालू वाले बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन स्माइल ट्रेन संस्था के सहयोग से किया जा रहा है।