छोटे किसानों की बारी पहले! विष्णु भैया की धान खरीदी नीति में बड़ा प्रावधान, 15 नवंबर से 31 जनवरी तक चलेगी खरीदी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर इस बार छोटे किसानों के लिए टोकन व्यवस्था बेहद अहम रहने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की धान उपार्जन नीति में छोटे किसानों को प्राथमिकता देने के लिए रोज जारी होने वाले टोकन में 70 प्रतिशत हिस्सा उनके लिए निर्धारित करने का प्रावधान बताया गया है। वहीं, बड़े किसानों के लिए 30 प्रतिशत टोकन का हिस्सा रहेगा। इस व्यवस्था का मकसद छोटे किसानों को धान बेचने के लिए प्राथमिकता से अवसर उपलब्ध कराना है।

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 70 और 30 प्रतिशत का अनुपात प्रतिदिन जारी होने वाले टोकन से जुड़ा है, न कि कुल धान खरीदी की मात्रा से। यानी रोज जितने टोकन जारी होंगे, उनमें छोटे किसानों की हिस्सेदारी अधिक रखने की व्यवस्था बताई गई है।

रोज के टोकन में छोटे किसानों को 70 प्रतिशत हिस्सा

धान खरीदी के समय टोकन मिलने की प्रक्रिया किसानों के लिए महत्वपूर्ण होती है। छोटे किसानों के पास अपेक्षाकृत कम रकबा होने के कारण उन्हें समय पर टोकन और खरीदी का अवसर मिलना जरूरी है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए नई नीति में रोज जारी होने वाले कुल टोकन में 70 प्रतिशत छोटे किसानों और 30 प्रतिशत बड़े किसानों के लिए रखने का प्रावधान बताया गया है।

यदि यह व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुसार प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो छोटे किसानों को टोकन हासिल करने और अपनी उपज बेचने की योजना बनाने में सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक राहत टोकन वितरण की प्रक्रिया और खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पर भी निर्भर करेगी।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी

समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। इस सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल खरीदी की सीमा का भी उल्लेख है। वास्तविक खरीदी लागू सरकारी नियमों और निर्धारित औसत उपज के अनुसार होगी।

ई-टोकन और पंजीयन की तैयारी रखें किसान

धान बेचने के लिए किसानों को ई-टोकन प्रक्रिया का पालन करना होगा। प्रकाशित खबर के मुताबिक, निर्धारित खरीदी तारीख से सात दिन पहले टोकन के लिए आवेदन करना होगा। इसके साथ ही एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य बताया गया है। किसानों को अपने पंजीयन, भूमि के रकबे और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पहले से जांच लेनी चाहिए, ताकि खरीदी के समय परेशानी न हो।

विष्णु साय सरकार की नीति पर किसानों की नजर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार के लिए धान खरीदी प्रदेश के किसानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। रोज जारी होने वाले टोकन में छोटे किसानों को 70 प्रतिशत हिस्सा देने का प्रावधान लागू होने पर टोकन वितरण में उनकी प्राथमिकता बढ़ सकती है। अब किसानों की नजरें अंतिम सरकारी आदेश, टोकन जारी करने के नियमों और खरीदी केंद्रों की तैयारियों पर रहेंगी।

इस सीजन में सबसे अहम सवाल यही रहेगा कि छोटे किसानों को निर्धारित प्राथमिकता का लाभ कितनी सहजता से मिलता है और वे समय पर अपना धान बेच पाते हैं या नहीं।