
कटघोरा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़): कटघोरा के मुरली मेट्रो हॉल में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश संगठन मंत्री सुरेंद्र राठौर, पार्टी के जिलाध्यक्ष जैनेंद्र कुर्रे और क्रान्ति सेना के जिलाध्यक्ष सुरजीत सोनी की मौजूदगी में संगठन के विस्तार और जमीनी मजबूती पर गहन मंथन हुआ।
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल ने कहा कि राजनीति और समाज सेवा कोई अंशकालिक काम नहीं, बल्कि शत-प्रतिशत ‘फुल-टाइम जॉब’ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूर्ण निष्ठा के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव ने छत्तीसगढ़िया संस्कृति, अस्मिता और आम जनता के हक-अधिकारों की लड़ाई को पूरी मुखरता से लड़ने का संदेश दिया।
बूथ स्तर पर 30 से 40 पदाधिकारियों का लक्ष्य केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन को जिला स्तर से आगे ले जाकर गुड़ी और पार (बूथ स्तर) तक विस्तार देने के निर्देश दिए। निर्णय लिया गया कि प्रत्येक बूथ स्तर पर दोनों संगठनों के 30 से 40 समर्पित पदाधिकारियों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाएगी, ताकि आगामी सामाजिक और राजनीतिक अभियानों में मजबूत आधार तैयार हो सके।
हर सेनानी खुद को जिलाध्यक्ष समझकर काम करे: जैनेंद्र कुर्रे पार्टी जिलाध्यक्ष जैनेंद्र कुर्रे ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि कोई भी संगठन किसी एक व्यक्ति के दम पर नहीं चलता। दायित्व केवल व्यवस्था का हिस्सा है; संगठन की वास्तविक ताकत जमीन पर पसीना बहाने वाले सैकड़ों सेनानी हैं। उन्होंने सभी से खुद को जिलाध्यक्ष मानकर जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

कटघोरा और रामपुर खंड में नई नियुक्तियां संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए बैठक में नई जिम्मेदारियों की घोषणा भी की गई। इसके तहत:
- कटघोरा खंड बैठका प्रभारी: अभिषेक जायसवाल एवं योगेंद्र यादव
- रामपुर खंड बैठका प्रभारी: प्रताप सिंह दिव्य
नव-नियुक्त प्रभारियों को संबंधित क्षेत्रों में बैठकों का सिलसिला तेज करने और नए सदस्यों को जोड़ने का दायित्व सौंपा गया। बैठक में बड़ी संख्या में दोनों संगठनों के ब्लॉक पदाधिकारी, सेनानी और नए कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों और नारों के साथ हुआ।