ढेलवाडीह (सेंट्रल छत्तीसगढ़): ढेलवाडीह स्थित सद्भावना दुर्गा पूजा पंडाल में आज, 17 अक्टूबर की शाम साहित्य, हास्य और सुरमयी रचनाओं के नाम रहने वाली है। जागृति क्लब, ढेलवाडीह (एसईसीएल) के तत्वावधान में भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शीर्षक ‘छत्तीसगढ़ी ठहाके की गूंज’ रखा गया है। यह साहित्यिक संध्या शाम 8:00 बजे से प्रारंभ होगी, जिसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पधार रहे ख्याति प्राप्त कवि और कवयित्रियां अपनी रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे और मंत्रमुग्ध करेंगे।
विभिन्न रसों की बहेगी अविरल धारा इस आयोजन में श्रोताओं को हास्य, व्यंग्य, ओज, शृंगार और मधुर गीतों का अद्भुत संगम देखने और सुनने को मिलेगा। मंच पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए राज्य के कई प्रतिष्ठित साहित्यकार एकत्र हो रहे हैं:
- डॉ. जगबंधु राम यादव (जशपुर): प्रख्यात ओजकवि, जो अपनी ऊर्जावान वाणी और राष्ट्रभक्ति व समाज को चेताने वाली ओजस्वी कविताओं से पंडाल में जोश भरेंगे।
- शरद यादव (सीपत, बिलासपुर): ‘अक्स हास्य’ के जाने-माने हस्ताक्षर, जो अपने अनूठे अंदाज और धारदार हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को लोटपोट करेंगे।
- कृष्णा सेन ‘भारतीय’ (नांदघाट, बलौदाबाजार): छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित एवं लोकप्रिय कवि, जो अपनी ठेठ देसी शैली और स्थानीय परिवेश से जुड़े हास्य के लिए विशेष पहचान रखते हैं।
- सोमप्रभा ‘नूर’ (कोटा, बिलासपुर): शृंगार रस की सुप्रसिद्ध कवयित्री, जो प्रेम, संवेदना और मानवीय अनुभूतियों से सजे अपने भावपूर्ण काव्य पाठ से समां बांधेंगी।
- श्रीमती रश्मि मानिकपुरी (नरदा, बलौदाबाजार): ‘गीत माधुरी’ के नाम से पहचानी जाने वाली सुरीली गीतकार, जिनकी सुमधुर वाणी और कर्णप्रिय रचनाएं श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखेंगी।
आयोजन समिति की ओर से उपस्थिति की अपील जागृति क्लब ढेलवाडीह के पदाधिकारियों एवं आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति ने नगर व आसपास के सभी साहित्य-प्रेमियों, प्रबुद्ध नागरिकों और आम जनता से सपरिवार पहुंचकर इस सांस्कृतिक और साहित्यिक शाम का आनंद उठाने तथा कवियों का उत्साहवर्धन करने का विनम्र आग्रह किया है। कार्यक्रम रात 8:00 बजे ठीक समय पर प्रारंभ होगा।
