रायपुर। सरकारी संपत्ति से जुड़े बीमा दावे को वर्षों तक लंबित रखने के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। विमानन संचालनालय ने द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। मामला मई 2022 में दुर्घटनाग्रस्त हुए राज्य शासन के सरकारी हेलीकॉप्टर के बीमा दावे से जुड़ा है।
2022 में हुआ था हेलीकॉप्टर हादसा
राज्य शासन का अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर 12 मई 2022 की रात रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर अभ्यास उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में दो पायलटों की मौत हुई थी। हेलीकॉप्टर का बीमा Oriental Insurance के पास था और सरकार के अनुसार बीमा प्रीमियम का पूरा भुगतान किया जा चुका था।
चार साल से ज्यादा समय तक लंबित रहा दावा
दुर्घटना के बाद राज्य सरकार की ओर से बीमा दावा प्रस्तुत किया गया, लेकिन कंपनी ने इस पर चार साल से अधिक समय तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया। इसके बाद अगस्त 2026 में कंपनी ने बीमा दावा खारिज कर दिया। 1
12 मई 2022 — सरकारी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त
2022 — बीमा दावा प्रस्तुत
अगस्त 2026 — चार साल से अधिक लंबित रहने के बाद दावा खारिज
अक्टूबर 2026 — Oriental Insurance तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट
नोटिस और सुनवाई के बाद लिया फैसला
दावे के निपटारे में हुई देरी को लेकर विमानन संचालनालय ने मामले की जांच की। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और अपना लिखित पक्ष रखने के साथ व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। कंपनी के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा के बाद विमानन संचालनालय ने कारणों सहित आदेश जारी करते हुए OICL को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया। 2
सरकार बोली- सार्वजनिक धन से जुड़ा है मामला
राज्य सरकार ने माना कि यह केवल एक बीमा विवाद नहीं बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी धन से जुड़ा मामला है। सरकार के मुताबिक, सरकारी संस्थानों के साथ काम करने वाले सेवा प्रदाताओं से समयबद्ध और जवाबदेह तरीके से काम करने की अपेक्षा की जाती है। सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े दावों के निपटारे में लंबी देरी का सीधा असर सरकारी वित्तीय हितों पर पड़ सकता है। 3
ब्लैकलिस्टिंग के बाद भी जारी रहेगी वसूली की कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि Oriental Insurance को ब्लैकलिस्ट किए जाने से बीमा दावे का मामला समाप्त नहीं हुआ है। राज्य शासन बीमा राशि की वसूली के लिए उपलब्ध प्रशासनिक और कानूनी उपायों के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक धन और राज्य के वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। 4