
कोरबी/पोड़ी उपरोड़ा / सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ : बीते दिन को क्षेत्र में हुई लगातार और मूसलाधार बारिश ने विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सरमा से ग्राम पंचायत पनगवां को जोड़ने वाले मुख्य पहुंच मार्ग पर स्थित बकाई नाला की अप्रोच पुलिया तेज बहाव में पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गई। इसके चलते ग्राम पंचायत पनगवां का जिला व ब्लॉक मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है और ग्रामीण टापू में रहने को मजबूर हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि इस पुलिया का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत महज डेढ़ वर्ष पूर्व ही कराया गया था, जो पहली कुछ बड़ी बारिशों में ही जमींदोज हो गई।
प्रशासन अलर्ट: एसडीएम पहुंचे मौके पर, अस्थाई मार्ग का काम शुरू
पुलिया बहने और गांव का संपर्क टूटने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज बंजारे ने फौरन प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया।
ग्रामीणों की तत्कालिक सुविधा को देखते हुए एसडीएम के निर्देशन में सरमा और पनगवां के बीच बगयी नदी (बकाई नाला) की पुलिया के पास आवागमन बहाल करने के लिए जेसीबी से अस्थाई रूप से पटीन (मिट्टी-मुरुम भराई) का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है, ताकि पैदल और दोपहिया वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके।
डूबान क्षेत्र होने से बढ़ी चिंता: अक्टूबर-नवंबर तक गहरा सकता है संकट
ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आने वाले दिनों की है। कुछ ही दिनों में हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ने से यह पूरा क्षेत्र जलमग्न (डूबान की स्थिति) हो जाएगा। यह संकट सामान्यतः अक्टूबर-नवंबर तक बना रहता है। पुलिया के समय रहते न बनने से स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
इन आवश्यक सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर:
- खाद्यान्न संकट: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाला राशन उचित मूल्य दुकान तक नहीं पहुंच पाएगा।
- स्वास्थ्य सेवाएं बाधित: मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना नामुमकिन हो जाएगा।
- शिक्षा पर ब्रेक: स्कूली बच्चों और शिक्षकों का आवागमन पूरी तरह ठप रहेगा।
ग्रामीणों ने लगाई स्थाई समाधान की गुहार
हालांकि प्रशासन द्वारा फिलहाल जेसीबी लगाकर अस्थाई रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि डूबान की स्थिति शुरू होने से पहले यहाँ पर स्थाई और मजबूत पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि महीनों तक चलने वाली इस बड़ी मुसीबत से गांव को बचाया जा सके।