रायपुर | 23 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर में बुधवार को आयोजित विशाल रक्तदान अभियान में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। आयोजन में 1188 महिलाओं ने रक्तदान कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन एवं सेवा महाकुंभ में रक्तदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आया। आयोजन के दौरान महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस दौरान महिलाओं द्वारा आठ घंटे में सर्वाधिक रक्तदान के प्रयास को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस उपलब्धि से संबंधित प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
1188 महिलाओं ने रक्तदान कर दिया संदेश
रक्तदान शिविर में कुल 2548 लोगों द्वारा रक्तदान किए जाने की जानकारी दी गई, जिसमें 1188 महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं की इस भागीदारी ने रक्तदान को लेकर समाज में मौजूद कई तरह की झिझक और भ्रांतियों के बीच जागरूकता का संदेश दिया। रक्तदान से पहले महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई और पात्र पाए जाने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से रक्तदान किया।

आयोजन में महिलाओं की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि स्वास्थ्य से जुड़ी आशंकाओं के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं आगे आईं। खासकर एनीमिया को लेकर समाज में प्रचलित धारणाओं के बीच पात्र महिलाओं का रक्तदान के लिए आगे आना जागरूकता का संदेश देता नजर आया।
रक्तदान के बाद महिलाओं ने जताई खुशी
रक्तदान करने पहुंची मोतिम साहू ने कहा कि रक्तदान के बाद उन्हें काफी खुशी महसूस हुई। उनका कहना था कि अपने रक्त के माध्यम से किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में योगदान देना संतोष की बात है।
कौशल्या धृतलहरे ने बताया कि स्वेच्छा से रक्तदान करने के बाद उन्हें मन में संतोष महसूस हुआ। वहीं सुनैना सोनी ने कहा कि उनके रक्तदान से दूसरी महिलाओं को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलेगी।
पुरुषों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
यह अभियान केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में पुरुषों ने भी स्वैच्छिक रक्तदान कर सेवा अभियान में अपनी भागीदारी निभाई। कमलेश साहू ने कहा कि स्वेच्छा से रक्तदान करना उनके लिए सेवा का अवसर है।
कामता प्रताप ने कहा कि रक्त किस जरूरतमंद के काम आएगा, यह पता नहीं होता, लेकिन यह भरोसा जरूर रहता है कि जरूरत के समय यही रक्त किसी की जिंदगी बचाने में मददगार बन सकता है।
रायपुर में आयोजित इस बड़े रक्तदान अभियान ने जनभागीदारी के साथ-साथ महिलाओं की सक्रिय भूमिका को भी सामने रखा। आयोजन में स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश एक साथ देखने को मिला।