कोरबा: मिनीमाता बांगो बांध के खुले 2 गेट, हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा पानी, तटीय इलाकों में अलर्ट जारी

कोरबा / सेन्ट्रल छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की प्रमुख और कोरबा जिले की जीवनदायिनी कहे जाने वाले मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण जल संसाधन विभाग द्वारा बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं। जलग्रहण क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बांध में पानी की भारी आवक हो रही थी, जिसे नियंत्रित करने और जलस्तर को सुरक्षित सीमा में बनाए रखने के लिए सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए गेट खोले गए हैं।

कहाँ से आता है बांगो बांध में पानी?

​मिनीमाता बांगो बांध मुख्य रूप से हसदेव नदी पर बना हुआ है। इसका मुख्य जलग्रहण क्षेत्र:

  • कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के पहाड़ी व वनांचल क्षेत्र
  • मध्य प्रदेश के सीमावर्ती अमरकंटक क्षेत्र के ऊपरी हिस्से
  • ​हसदेव नदी की सहायक नदियों एवं बरसाती नालों का जलप्रवाह

​ऊपरी इलाकों और कोरिया-एमसीबी क्षेत्र में बीते दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हसदेव नदी उफान पर है, जिससे बांगो बांध में पानी की आवक (Inflow) लगातार बनी हुई है।

जलस्तर और पानी छोड़ने की स्थिति

​बांध की कुल जलभराव क्षमता 359.66 मीटर है। जलस्तर निर्धारित सुरक्षा सीमा के करीब पहुँचने पर परियोजना प्रबंधन ने पानी की आवक को देखते हुए 2 गेट खोलकर नियंत्रित मात्रा में हसदेव नदी में जलप्रवाह शुरू किया है। गेटों के माध्यम से पानी छोड़े जाने के साथ ही जल विद्युत गृह (हाइड्रो पावर प्लांट) के जरिए भी पानी टरबाइनों से होकर नदी में छोड़ा जा रहा है।

निचले इलाकों और तटीय बस्तियों में अलर्ट जारी

​बांध से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के बहाव क्षेत्र व तटीय बस्तियों के लिए अलर्ट जारी किया है:

  • ​कोरबा शहर के दर्री, सीतामढ़ी, इमलीडुग्गू, सर्वमंगला घाट समेत नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराई जा रही है।
  • ​ग्रामीणों और शहरवासियों को हसदेव नदी के तेज बहाव के करीब न जाने, मवेशियों को नदी से दूर रखने और जलभराव वाले रपटों/पुलों को पार न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
  • ​राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की टीम को स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बांध की सुरक्षा और जलस्तर पर तकनीकी अमला लगातार निगरानी बनाए हुए है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।