
कोरबा,( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़)। कभी मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोरबा के विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। कोरबा के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक वातावरण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो, तो छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
NEET-UG 2026 के परिणामों में Physics Wallah (PW) विद्यापीठ एवं पाठशाला, कोरबा ने जिले का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए शिक्षा जगत में नई पहचान स्थापित की है। संस्थान की छात्रा अराध्या अग्रवाल ने 614 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6261 हासिल की और कोरबा जिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया।

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रमुख विद्यार्थी
| विद्यार्थी का नाम | प्राप्तांक (Marks) |
|---|---|
| अराध्या अग्रवाल (जिला टॉपर) | 614 |
| प्रणय कुमार साहू | 576 |
| सोहम गोयल | 557 |
| हर्ष श्रीवास | 536 |
| नजमा बानो | 528 |
| अखिल रंजन यादव | 515 |
| अमित यादव | 472 |
| दीपेश कुमार | 466 |
| ममता सिंह | 392 |
| युवराज सिंह खुरसेंगा | 361 |
| शिक्षा विशेषज्ञों एवं Cut-off विश्लेषण के आधार पर संस्थान के लगभग 10 विद्यार्थियों का विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश संभावित है, वहीं जिला टॉपर अराध्या अग्रवाल के AIIMS देवघर अथवा AIIMS मदुरै जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन की प्रबल संभावना है। |
“कंसिस्टेंसी ही सफलता की असली कुंजी है” – सफल विद्यार्थियों के अनुभव
ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित “सफलता उत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह” में सफल विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी और संघर्ष की यात्रा साझा की:
- अराध्या अग्रवाल (जिला टॉपर): “यदि आपने तय कर लिया है कि आपको NEET निकालना है, तो बस संघर्ष करते रहिए। कठिनाइयाँ आएँगी, लेकिन जो विद्यार्थी लगातार प्रयास करते हैं, सफलता अंततः उन्हीं को मिलती है — Just Keep Fighting.”
- प्रणव कुमार यादव: उन्होंने बताया कि 100 से अधिक टेस्ट देकर और अपनी गलतियों का निरंतर विश्लेषण कर भौतिकी (Physics) जैसे कठिन विषय को अपनी ताकत बनाया।
- हर्ष श्रीवास: स्कूल और कोचिंग का बेहतर संतुलन बनाकर 2 वर्षों तक बिना कोई क्लास या टेस्ट छोड़े बोर्ड में 92% और NEET में शानदार सफलता अर्जित की।
- अखिल रंजन यादव एवं दीपेश कुमार: शुरुआती कम अंकों से निराश न होकर लगातार टेस्ट विश्लेषण और अपनी कमजोरियों पर काम करने को ही सफलता का मूलमंत्र माना।
- अमित यादव: Re-NEET में लगभग 150 से 200 अंकों का सुधार कर यह सिद्ध किया कि ईमानदारी से किया गया विश्लेषण परिणाम बदल सकता है।
अकादमिक हेड अतुल सिंह का संदेश:
“NEET में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। 100% क्लास अटेंडेंस, 100% टेस्ट पार्टिसिपेशन और प्रत्येक टेस्ट का ईमानदार विश्लेषण ही सफलता का एकमात्र फॉर्मूला है।”वनांचल व ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर मिले तो वे भी AIIMS तक पहुँच सकती हैं: डॉ. पवन सिंह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह (अध्यक्ष, जिला पंचायत कोरबा) ने सफल विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा:
“कोरबा एक आदिवासी बहुल जिला है। यहाँ के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (PVTG) — पहाड़ी कोरबा एवं बिरहोर समाज के बच्चों में भी अपार क्षमता है। यदि इन्हें सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएँ, तो ये बच्चे भी AIIMS, IIT और देश के शीर्ष संस्थानों तक पहुँच सकते हैं।”राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में महानगरों के वर्चस्व के मिथक को तोड़ते हुए कोरबा के इन मेधावियों ने यह साबित कर दिखाया है कि प्रतिभा किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास के बल पर वनांचल और छोटे शहरों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय मंच पर सफलता का परचम लहरा सकते हैं।