कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ):जनपद पंचायत पौड़ी उपरोड़ा में प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है. समस्त जनपद सदस्य एवं सरपंच संघ ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री भूपेंद्र सोनवानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है. जनप्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि चार दिनों के भीतर सीईओ को कार्यमुक्त (रिलीफ) नहीं किया गया, तो वे जनपद कार्यालय में तालाबंदी करेंगे और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-130) पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे.
स्थानांतरण के बाद भी जमे हैं सीईओ, जनप्रतिनिधियों में आक्रोश
सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, शासन द्वारा सीईओ भूपेंद्र सोनवानी का स्थानांतरण आदेश जारी किया जा चुका है और इसकी निर्धारित समय अवधि भी बीत चुकी है. इसके बावजूद उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शासन के नियमों के तहत स्थानांतरित अधिकारी को समय-सीमा में रिलीफ करना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां नियमों की अनदेखी की जा रही है.
भ्रष्टाचार और कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप
सरपंचों और जनपद सदस्यों ने आरोप लगाया है कि सीईओ भूपेंद्र सोनवानी के कार्यकाल में विभिन्न वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए हैं, जिसे लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में गहरा असंतोष है. उनके इसी कार्य व्यवहार के कारण जनप्रतिनिधि अब उन्हें एक दिन भी पद पर नहीं देखना चाहते.
‘काम बंद, कलम बंद’ आंदोलन की घोषणा
चार दिनों की समय-सीमा के भीतर यदि प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो समस्त सरपंच और जनपद सदस्य सामूहिक रूप से ‘काम बंद, कलम बंद’ आंदोलन शुरू कर देंगे. इस दौरान पंचायतों के विकास कार्यों का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा. जनप्रतिनिधियों ने दो टूक कहा है कि इस आंदोलन और चक्का जाम के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी विषम परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.