
कोरबा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ )पोड़ी उपरोड़ा: जनपद पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों की आईडी (क आईडी) न जारी करने को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चल रहा गतिरोध आखिरकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के तबादले के साथ शांत हो गया है। जनपद सदस्यों और सरपंचों से विवाद मोल लेना CEO भूपेंद्र कुमार सोनवानी को भारी पड़ गया है, जिसके बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से उनका तबादला सूरजपुर कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति और आईडी प्रदान करने में हो रही देरी से स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से नाराज थे। कार्यों की आईडी नहीं दिए जाने के विरोध में कुछ दिन पहले जनपद सदस्यों और सरपंचों ने जनपद कार्यालय में तालाबंदी भी कर दी थी और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी।
मांग पूरी न होने पर सरपंच संघ एवं जनपद सदस्यों द्वारा उग्र रूप अख्तियार करते हुए ‘चक्काजाम’ और दोबारा तालाबंदी करने का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया गया था। जनप्रतिनिधियों के इस कड़े रुख और बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले में संज्ञान लिया और अधिकारी को हटाने का फैसला किया।

सूरजपुर भेजे गए CEO सोनवानी, आदेश जारी
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, श्री भूपेंद्र कुमार सोनवानी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, पाली, जिला-कोरबा) को प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, सूरजपुर के पद पर पदस्थ किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
आंदोलन स्थगित, सरपंच-जनपद सदस्यों ने मनाया जश्न
तबादले की खबर और आदेश की कॉपी सामने आते ही जनपद सदस्यों और सरपंच संघ में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद जनप्रतिनिधियों ने प्रस्तावित चक्काजाम और आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन को अवगत कराया है कि रुके हुए विकास कार्यों की आईडी जल्द से जल्द जारी की जाए ताकि क्षेत्र का विकास कार्य बाधित न हो।