
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज और भीषण आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा असर बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे (NH-130) पर देखने को मिला, जहाँ पोड़ी उपरोड़ा के समीप जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह चरमरा गया और आम जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
तालाब में तब्दील हुआ नेशनल हाईवे
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अचानक घने बादल छाए और तेज़ आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते हाईवे के निचले हिस्सों में कई फीट पानी जमा हो गया और सड़क ने तालाब का रूप ले लिया। ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त न होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिससे हाईवे पर सफर कर रहे मुसाफिरों की मुसीबतें बढ़ गईं।
थमे दोपहिया वाहनों के पहिए, रेंगती रहीं गाड़ियाँ
हाईवे पर पानी का स्तर इतना अधिक था कि दोपहिया वाहनों (बाइकों) के लिए इसे पार करना नामुमकिन हो गया। कई बाइक सवार बीच सड़क पर ही फंस गए और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। वहीं, दूसरी ओर भारी और बड़ी गाड़ियाँ जैसे ट्रक और बसें किसी तरह सड़क के किनारों से बेहद धीमी गति से रेंग-रेंग कर निकलती नजर आईं।
घंटों की मशक्कत के बाद खुला जाम
इस जलभराव के कारण बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते दोनों तरफ कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। राहगीर, परिवार और व्यावसायिक वाहन घंटों तक भूखे-प्यासे जाम में फंसे रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और राहगीरों ने मिलकर मोर्चा संभाला। काफी मशक्कत और घंटों की कड़ी मेहनत के बाद पानी का स्तर कम होने पर धीरे-धीरे जाम को खुलवाया जा सका, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से शुरू हुआ।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि हल्की सी भारी बारिश होने पर भी एनएच के इस निचले हिस्से में हमेशा पानी भर जाता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है, जिसके कारण हर बार बारिश में यात्रियों को इस तरह की भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।