बलरामपुर जिला अस्पताल की लापरवाही के खिलाफ न्याय पदयात्रा: मृतका के परिजनों ने खोला मोर्चा, पैदल ही रायपुर रवाना

korba ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला अस्पताल में कथित तौर पर हुई एक बड़ी लापरवाही और आदिवासी महिला की संदेहास्पद मृत्यु के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के रवैये से नाराज होकर मृतका के परिजनों और समर्थकों ने “न्याय पदयात्रा” की शुरुआत की है। न्याय की गुहार लगाने के लिए यह दल बलरामपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) के लिए पैदल ही निकल पड़ा है।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिला के ग्राम सेंदुर (कुंदरूखांड) निवासी 58 वर्षीय आदिवासी महिला, स्व. कौलेश्वरी आयाम (पति रामधनी आयाम) को बीते 27 अप्रैल 2026 को बुखार और पेट दर्द (गैस संबंधी समस्या) की शिकायत के कारण बलरामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

​मृतका के परिजनों और पदयात्रा में शामिल स्वतंत्र पत्रकार दीपक यादव के अनुसार, कौलेश्वरी आयाम की हालत इतनी खराब नहीं थी, वे अस्पताल में सामान्य रूप से चल-फिर पा रही थीं। लेकिन आगामी 30 अप्रैल की रात को रहस्यमयी परिस्थितियों में वे अस्पताल की ऊपरी मंजिल (टॉप फ्लोर) से नीचे गिर गईं, जिससे उनकी मौत हो गई।

​परिजनों का आरोप: FIR दर्ज करने में आनाकानी

​परिजनों का सीधा आरोप है कि यह घटना अस्पताल प्रबंधन, ड्यूटी पर तैनात लापरवाही नर्सों, वार्ड बॉय और सुरक्षा गार्ड की भारी चूक का नतीजा है, जिन्होंने छत का गेट खुला छोड़ दिया था।

​मृतका की सुपुत्री मंजू आयाम ने बताया कि जब वे इस मामले में बलरामपुर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने गए, तो पुलिस द्वारा उन्हें लगभग दो घंटे तक थाने में बैठाकर प्रताड़ित और गुमराह किया गया। शुरू में पुलिस रिसीविंग (पावती) देने को भी तैयार नहीं थी। प्रशासन के आश्वासन पर कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी, परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन घटना के 15-17 दिन बीत जाने के बाद भी जब FIR दर्ज नहीं की गई, तो परिजनों का सब्र टूट गया।

200 किलोमीटर का सफर तय, मुख्यमंत्री से न्याय की आस

​पुलिस और स्थानीय प्रशासन से निराश होकर परिजनों ने 16 मई 2026 की सुबह बलरामपुर जिला अस्पताल से अपनी पैदल न्याय पदयात्रा शुरू की। इस शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक यात्रा में कुल 6 सदस्य शामिल हैं, जिनमें रामधनी आयाम, मंजू आयाम, महोदव पुसाम, रामप्यारी नेटी, सूरजदेव आयाम और स्वतंत्र पत्रकार दीपक यादव शामिल हैं।

​पदयात्रियों ने बताया कि वे प्रतिदिन पैदल चलकर अब तक लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं और वर्तमान में ‘कटघोरा’ के पास पहुंच चुके हैं। रायपुर (सीएम हाउस) पहुंचने में उन्हें अभी 4 से 5 दिन का समय और लगने की संभावना है।