लोकार्पण के बाद भी अंधेरे में ग्रामीण: कसनिया सब-स्टेशन बना ‘शो-पीस’, आक्रोशित ग्रामीणों ने दी चक्काजाम की चेतावनी

कटघोरा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) कटघोरा क्षेत्र के कसनिया में विद्युत व्यवस्था सुधारने के नाम पर आनन-फानन में किए गए आधे-अधूरे सब-स्टेशन के लोकार्पण का खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। लोकार्पण के कई दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई है। आलम यह है कि घंटों बिजली गुल रहने से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।


मंत्री और विधायकों ने किया था उद्घाटन, पर ढाक के वही तीन पात


​गौरतलब है कि इस सब-स्टेशन का लोकार्पण प्रदेश के उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, क्षेत्रीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बड़े तामझाम के साथ किया गया था। उम्मीद थी कि इससे लखनपुर, सुतर्रा और आसपास के गांवों को निर्बाध बिजली मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है।


एक ही फीडर पर लोड, फाल्ट के बहाने बच रहे अधिकारी


​ग्रामीणों का आरोप है कि सब-स्टेशन से तकनीकी रूप से तीन फीडर निकलने चाहिए थे, लेकिन वर्तमान में लखनपुर और सुतर्रा जैसे बड़े क्षेत्रों को एक ही फीडर से जोड़ा गया है।



  • ओवरलोड की समस्या: एक ही फीडर पर अत्यधिक बोझ होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग हो रही है।

  • घंटों बिजली गोल: दिन भर में दर्जनों बार बिजली गुल होती है।

  • अधिकारियों की लापरवाही: जब ग्रामीण शिकायत करते हैं, तो विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी तकनीकी खामियों को छिपाने के लिए ‘फाल्ट’ होने का रटा-रटाया बहाना बना देते हैं।


  • ग्रामीणों का सीधा आरोप: “अधिकारी अपनी गलती छिपाने के लिए दूसरी जगह फाल्ट बताते हैं, जबकि समस्या सब-स्टेशन के आधे-अधूरे सेटअप और गलत फीडर प्रबंधन की है।”





    हफ्ते भर का अल्टीमेटम: होगा चक्काजाम और घेराव


    ​बिजली की इस आंख-मिचौली से परेशान ग्रामीणों ने अब शासन-प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया और फीडर के लोड को व्यवस्थित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इसके तहत चक्काजाम और विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।