
कोरबा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ )छुरीकला: नगर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन द्वारा चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान ‘ढाक के तीन पात’ साबित हो रहा है। नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन की टीम के जाते ही दुकानदारों ने एक बार फिर मुख्य सड़क को अपनी जागीर समझकर सामान फैला लिया है। प्रशासन की इस कथित सख्ती को स्थानीय रसूखदार और दुकानदार खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।
दिखावे की कार्रवाई?
हाल ही में मुख्य नगर पंचायत अधिकारी दीपांकर यादव के नेतृत्व में बस स्टैंड और मुख्य मार्ग पर विशेष अभियान चलाया गया था। उस दौरान सड़क तक फैली दुकानों, ठेलों और गुमटियों को हटवाकर सड़क को ‘कब्जा मुक्त’ घोषित किया गया था। अधिकारियों ने उस वक्त सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि दोबारा अतिक्रमण करने पर सामान जब्त किया जाएगा और अर्थदंड (जुर्माना) लगाया जाएगा।
अव्यवस्था की ‘यथास्थिति’
हैरानी की बात यह है कि प्रशासन के पहिए थमते ही दुकानदार वापस अपनी पुरानी जगह पर लौट आए हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि:
- पैदल राहगीर परेशान: सड़कों पर सामान फैलने से पैदल चलने वालों को जान जोखिम में डालकर वाहनों के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
- जाम का झाम: बड़े वाहनों के दबाव के कारण मुख्य मार्ग पर बार-बार जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।
- नियमों का उपहास: प्रशासन द्वारा दी गई ‘सख्त हिदायत’ का असर जमीन पर शून्य नजर आ रहा है।